सलाहकार लेखउत्तर प्रदेश कृषि विभाग
सरसों में कटुआ(कटवर्म) कीट का प्रकोप!
👉🏻किसान भाइयों सरसों की फसल में लगने वाला यह कीट भूरे-मटमैले सा कालापन लिए होता है जो मिटटी में छुपकर छोटे पौधों को भूमि की सतह से काट देता है जिसके कारण पौधे सूख जाते हैं। इसके नियंत्रण के लिए निम्न विधियां अपनायी जा सकती हैं। 👉🏻रोकथाम:- 1. गर्मी में गहरी जुताई एवं समय से बुवाई करें। 2. उचित फसल चक्र अपनाना चाहिए। तथा फसल के अवशेषों को नष्ट कर देना चाहिए। 3. खेत में जगह-जगह सूखी घास के ढेर रख देने से कटुआ कीट की सूडियाॅ उनमें छिप जाती है, जिन्हे प्रातःकाल इकठ्ठा कर नष्ट कर देना चाहिए। 4. भूमिशोधन हेतु विवेरिया बैसियाना 1 किग्रा0 प्रति एकड़ की दर से 20-25 किग्रा0 अध सड़े गोबर में मिलाकर 8-10 दिन रखने के उपरान्त प्रभावित खेत में प्रयोग करना चाहिए। 5. मेटाराइजियम एनीसोप्ली 1 किग्रा0 प्रति एकड़ की दर से 200 ली0 पानी में घोल कर सायंकाल छिडकाव करना चाहिए। 👉🏻रसायनिक नियंत्रण:- 1. क्लोरपायरीफास 20 प्रतिशत ई0सी0 1 ली0 200-240 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से छिडकाव करना चाहिए। 2. कार्बोफ्यूरान 3 जी 8 किग्रा0 प्रति एकड़ की दर से बुरकाव करना चाहिए।
स्रोत-उत्तर प्रदेश कृषि विभाग, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक 👍 करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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