योजना और सब्सिडीकृषि जागरण
इन किसानों को मिलेगा 50% सब्सिडी पर मिलेगा पावर टिलर!
आज के समय में किसानों को कई नवीन कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनकी खरीद पर सरकार की तरफ से छूट भी दी जाती है। खेती दौरान किसानों को कई कृषि यंत्रों की मदद लेनी पड़ती है, जिसमें पावर टिलर का नाम भी शामिल है। इस कृषि यंत्र का खेत की जुताई में महत्वपूर्ण स्थान है। कई किसान आर्थिक तंगी की वजह से महंगे कृषि यंत्र नहीं खरीद पाते हैं, इसलिए सरकार ने लघु और सीमांत किसानों के लिए पावर टिलर कृषि यंत्र की सुविधा उपलब्ध कराई है। यह कृषि यंत्र न सिर्फ़ खेती की जुताई में काम आता है, बल्कि फसल में खरपतवार की निराई का खर्च भी बचाता है। पावर टिलर की खासियत यह एक ऐसी मशीन है, जो खेत की जुताई से लेकर फसल की कटाई तक बहुत काम आती है। इस मशीन द्वारा फसल की निराई, सिंचाई, मड़ाई और ढुलाई करना बहुत आसान हो जाता है। पावर टिलर कैसा होता है जिस तरह देसी हल में एक सीध पर बुवाई की जाती है, वैसे ही इस मशीन से बुवाई की जाती है। इसमें अन्य कृषि यंत्र को जोड़कर भी कई तरह के काम किए जा सकते हैं। यह ट्रैक्टर की तुलना में बहुत हल्का और चेन रहित होता है। इस मशीन को चलाना काफी आसना है। इसको कई कंपनियां बनाकर तैयार करती हैं। इस मशीन को पेट्रोल और डीज़ल द्वारा संचालित कर सकते हैं। पावर टिलर कई काम करता है आसान खेत की जुताई से लेकर फसल बुवाई तक में काम आती है। मशीन में पानी का पंप जोड़कर तालाब, पोख़र, नदी आदि से पानी निकाल सकते हैं। इसमें थ्रेसर, रीपर, कल्टीवेटर, बीज ड्रिल मशीन आदि भी जोड़ सकते हैं। यह मशीन काफी हल्की मशीन होती है, इसलिए इसको कहीं भी ले जा सकते हैं। पावर टिलर पर सरकारी सब्सिडी पावर टिलर पर सरकार द्वारा दो तरह की छूट दी जाती है। 8 हॉर्सपावर के टिलर पर लगभग 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। अगर अनुसूचित जाति और जनजाति का कोई किसान पावर टिलर खरीदता है, तो उनके लिए लगभग 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। वैसे इस इस मशीन की कुल कीमत लगभग 1 लाख रुपए तक की है। इस मशीन को कोई भी किसान खरीद सकता है, लेकिन सब्सिडी का लाभ केवल लघु और सीमांत किसानों को दिया जाता है। बता दें कि किसान को पावर टिलर खरीदते समय पूरा पैसा लगाना होगा। इसके बाद ही आप सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा पाएंगे। पावर टिलर के लिए रजिस्ट्रेशन अगर कोई किसान सब्सिडी पर पावर टिलर खरीदना चाहता है, तो उसे अपने जिले के कृषि विभाग की वेबासाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके साथ ही कृषि विभाग को एक प्रार्थना पत्र भी लिखना होगा। इसके बाद कृषि विभाग जल्द ही आपसे संपर्क करता है।
स्रोत:- कृषि जागरण, प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गयी जानकारी उपयोगी लगी तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद।
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