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केले में उर्वरक प्रबंधन
किसान भाइयों केला भारत वर्ष का प्राचीनतम स्वादिष्ट पौष्टिक पाचक एवं लोकप्रीय फल है इसमे शर्करा एवं खनिज लवण जैसे कैल्सियम तथा फास्फोरस प्रचुर मात्रा में पाए जाता हैI किसान भाइयों केले की अच्छी फसल लेने के लिए अच्छे उर्वरक प्रबंधन की आवश्यकता होती है। भूमि के उर्वरता के अनुसार प्रति पौधा 300 ग्राम नत्रजन 100 ग्राम फास्फोरस तथा 300 ग्राम पोटाश की आवश्यकता पड़ती है फास्फोरस की आधी मात्रा पौध रोपण के समय तथा शेष आधी मात्रा रोपाई के बाद देनी चाहिए नत्रजन की पूरी मात्रा 5 भागो में बाँटकर अगस्त, सितम्बर ,अक्टूबर तथा फरवरी एवं अप्रैल में देनी चाहिए पोटाश की पूरी मात्रा तीन भागो में बाँटकर सितम्बर ,अक्टूबर एवं अप्रैल में देना चाहिएI इसके अलावा केले की फसल में घुलनशील उर्वरकों का प्रयोग भी लाभकारी सिद्ध होता है इसके लिए एन.पी.के 19:19:19 की 1 किग्रा० मात्रा को 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
स्रोत - विकासपीडिया प्रिय किसान भाइयों यदि आपको दी गयी जानकारी उपयोगी लगी तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद।
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