सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
प्याज की फसल में बैंगनी धब्बा (परपल ब्लॉच) का नियंत्रण!
लक्षण:- प्रायः यह बीमारी प्याज एवं लहसुन उगानेवाले सभी क्षेत्रों में पायी जाती है। इस बीमारी का कारण आल्टरनेरिया पोरी नामक फफूंद है। यह रोग प्याज की पत्तियों, तनों तथा बीज डंठलों पर लगती है। रोग ग्रस्त भाग पर सफेद भूरे रंग के धब्बे बनते हैं जिनका मध्य भाग बाद में बैंगनी रंग का हो जाता है। रोग के लक्षण के लगभग दो सप्ताह पश्चात इन बैंगनी धब्बों पर पृष्ठीय बीजाणुओं के बनने से ये काले रंग के दिखाई देते हैं। अनुकूल समय पर रोगग्रस्त पत्तियां झुलस जाती हैं तथा पत्ती और तने गिर जाते हैं जिसके कारण कन्द और बीज नहीं बन पाते। बैंगनी धब्बा रोग की रोकथाम:- 1. अच्छी रोग प्रतिरोधक प्रजाति के बीज का प्रयोग करना चाहिए। 2. 2-3 साल का फसल-चक्र अपनाना चाहिए। प्याज से संबंधित फसल-चक्र शामिल नहीं करना चाहिए। 3. इनमे से किसी एक फफूंदी नाशक को मैंकोजेब @ 0.25% / ट्रायसायक्लाज़ोल @ 0.1% / हेक्साकोनाज़ोल @ 0.1% / प्रोपिकोनाज़ोल @ 0.1% को रोपाई के 30 दिन बाद से 10-15 दिनों के अंतराल पर रोग दिखाई देने पर छिड़काव करें।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनॉमी सेंटर एक्सीलेंस, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक👍🏻करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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