सलाहकार लेखNRCP
अनार में फल छेदक कीट का नियंत्रण!
फल छेदक - मादा तितली अनार के पुष्प और बनते फलों पर या फल के पास वाली पत्तियों पर या तने पर एक-एक कर अण्डे देती है। अण्डे से 7 से 10 दिनों में लट निकल कर बनते हुए फलों में प्रवेश कर जाती है, जोकि फलों के अन्दर बीजों को खाती रहती है, जिससे फल सड कर नीचे गिर जाते है। वयस्क नर और मादा रात में फलों में प्रवेश करते हैं और क्षतिग्रस्त फल विभिन्न कवक और बैक्टीरिया से द्वितीयक संक्रमण के कारण नरम हो जाते हैं। फलों के रस के साथ छिद्रों पर छिद्रित छेद को देखा जा सकता है। बाद में फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण के कारण समय से पहले पकने और पौधों के नीचे फल गिरने लगते हैं। चूंकि अगस्त से अक्टूबर तक फल छेदक कीटों की गतिविधि बनी रहती है, इसलिए एन्डेनमिक क्षेत्रों में मृग बहार की फसल लेने से बचें। क्षेत्र के चारों ओर टिनोस्पोरा स्पीसिस, कोक्यूलस स्पीसिस, लैंटाना कैमरा और अरण्डी जैसे वैकल्पिक मेजबानों पौधों को नष्ट करें। प्रभावित फलों को निकल कर नष्ट करें। फलों को बटर पेपर या न्यूज पेपर या पॉलीमर बैग से कवर करें। रात के समय में प्रकाश जाल का उपयोग करके पतंगे इकट्ठा कर और नष्ट करें। बड़े खेत में मिट्टी के बर्तनों में जहर (95% गुड़ + 5% मैलाथियान) रखें और इसके ऊपर सीएफएल (कॉम्पैक्ट फ्लोरोसेंट लैंप) बल्ब स्थापित करें। पतंगे मिट्टी के बर्तन की ओर आकर्षित हो जाते हैं और उसमें गिर जाते हैं।
स्रोत:- NRCP, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें एवं अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
9
2
संबंधित लेख