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Dayal
Uttarakhand
25 Jun 19, 10:38 PM

adrk lganaki bdi

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टिप्पणियां (1)
एग्रोस्टार एग्रीडॉक्टर
Rajasthan
26 Jun 19, 12:20 PM

नमस्कार दयाल  जी, एग्रोस्टार परिवार में आपका स्वागत है। अदरक की अधिक बढ़वार के लिए, फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी,  रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है। खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी। फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है। उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो। हर साल एक ही ज़मीन पर अदरक की फसल ना लगाएं। खेत को दो तीन बार जोतें और सुहागे से समतल करें। अदरक की बिजाई के लिए 15 सैं.मी. ऊंचे और 1 मीटर चौड़े बैड बनाएं। दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला रखें। बिजाई मई-जून के पहले सप्ताह में की जाती है। पौधों में 15-20 सैं.मी. पंक्तियों की दूरी और एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी 30 सैं.मी. होनी चाहिए। बीज की गहराई 3-4 सैं.मी.  के करीब होनी चाहिए। अदरक की बिजाई सीधे ढंग से और पनीरी लगाकर की जा सकती है। बिजाई के लिए ताजे और बीमार रहित गांठों का प्रयोग करें। बिजाई के लिए 480-720 किलो प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करें। बिजाई से पहले गांठों को मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी से उपचार करें। गांठों को 30 मिनट के लिए घोल में भिगो दें। इससे गांठों को फफूंदी से बचाया जा सकता है। उपचार के बाद गांठों को 3-4 घंटें के लिए छांव में सुखाएं। खेत की तैयारी के समय मिट्टी में 150 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें। नाइट्रोजन 25 किलो (55 किलो यूरिया), फासफोरस 10 किलो (60 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 10 किलो (16 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें। पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें। नाइट्रोजन की मात्रा को दो बराबर भागों में बांटें। पहला हिस्सा बिजाई के 75 दिन बाद और बाकी हिस्सा बिजाई के 3 महीने बाद डालें। अदरक की फसल की सिंचाई वर्षा की तीव्रता और आवर्ती के आधार पर करें। बिजाई के बाद फसल को 50 क्विंटल प्रति एकड़ हरे पत्तों से ढक दें। प्रत्येक खाद डालने के बाद 20 क्विंटल प्रति एकड़ हरे पत्तों से फसल को दोबारा ढकें।धन्यवाद। एग्री डॉ.नायक।