कृषि वार्ताकृषि जागरण
तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सब्सिडी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार किसानों को उच्च गुणवत्ता के तिलहन की खेती करने के लिए सब्सिडी देने की योजना बना रही है जिससे किसान चावल और गेहूं की खेती के अलावा दूसरी फसलों की ओर रुख कर सकें। इसके जरिए भारत को खाद्य तेलों का आयात घटाने में मदद मिलेगी जो मौजूदा समय में सालाना 70 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। आपको बता दें कि कमीशन फॉर एग्रीकल्चरल कॉस्ट्स एंड प्राइसेज ने ज्यादा तेल निकालने वाली किस्में अपनाने वाले किसानों के लिए अधिक कीमत तय करने का सुझाव
दिया है। सीएसीपी फसलों के लिए निर्धारित कीमत तय करता है।_x000D_ सीएसीपी के चेयरमैन विजय पॉल शर्मा ने कहा कि सरसों और अलसी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को बीज में 35 फीसदी के बेसिक ऑयल कंटेट से जोड़ देना चाहिए। ऑयल कंटेंट 35 फीसदी से अधिक रहने पर उसमें हर चौथाई फीसदी बढ़ोतरी पर किसानों को प्रति क्विंटल 20.27 रुपये अधिक कीमत मिलनी चाहिए। अभी न्यूनतम समर्थन मूल्य 4830.40 रुपये प्रति क्विंटल है।_x000D_ स्रोत – कृषि जागरण, 1 जनवरी 2020_x000D_ यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।_x000D_
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