सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
गन्ने की फसल में अगेती शीर्ष बेधक कीट का नियंत्रण
पहचान: प्रौढ़ काले भूरे रंग के धब्बे के साथ पीले भूरे रंग का पतंग सफेद पंखों वाला वयस्क होता है। शीर्ष बेधक कीट का पतंगा अपने अंडे 4-100 के समूह में पत्तियों की निचली सतह पर 3-5 पंक्तियों में देता हैं। इसकी सूंडी पांच गहरे बैंगनी अनुदैर्ध्य धारियों और गहरे भूरे रंग के सिर के साथ मटमैले सफेद रंग का होता है, इसका प्यूपा तने के अंदर ही बनता है। प्यूपा अवस्था में जाने से पहले सूंडी तने में एक बड़ा निकास छेद बनाती है और सिल्की जाले से छेद को बंद कर देती है। क्षति की प्रकृति: यह कीट 1-3 महीने की फसल में डेड हार्ट शो होता है, जिसे आसानी से बाहर निकाला जा सकता है। सूंडी केंद्रीय शूट में छेद करती है और आंतरिक ऊतक खा कर जीवन निर्वाह करती है जो डेड हार्ट का कारण बनता है। घास के रंग का शूट का सड़ा हुआ हिस्सा एक अप्रिय गंध का उत्सर्जन करता है। जमीनी स्तर के ऊपर शूट के आधार पर कई छेद होते हैं। नियंत्रण: • प्रतिरोधी किस्मों जैसे CO 312, CO 421, CO 661, CO 917 और CO 853 का उपयोग करें। • दिसंबर - जनवरी के दौरान शुरुआती रोपण प्रारंभिक शूट बोरर घटना से बच जाता है। • गन्ना उगने के 45 दिन बाद गन्ने में मिटटी जरूर चढ़ाना चाहिए। • पूर्व फसल के अवशेषों को जला दें। • ग्रीष्म कालीन गहरी जुताई करें। • क्लोरपायरीफोस 20.00% ई.सी.@ 600 मिली या क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.50% एस.सी.@ 150 मिली दवाई को 200 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें। स्रोत: तमिलनाडु एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी यदि आपको दी गई जानकारी उपयोगी लगे तो लाइक करें और अपने किसान मित्रो के साथ साझा करें।
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