AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
26 Dec 19, 03:00 PM
कीट जीवन चक्रएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
माहुं का जीवन चक्र
आर्थिक महत्व:- माहू कीट के शिशु एवम प्रौढ़ पौधों के कोमल तनों, पत्तियों, फूलो एवं नई फलियों से रस चूसकर क्षतिग्रस्त करते है साथ-साथ रस चूसते समय पत्तियों पर मधुस्राव भी करते है। इस मधुस्राव पर काले कवक का प्रकोप हो जाता है। इस कीट का प्रकोप नबम्बर - दिसम्बर से लेकर मार्च तक बना रहता है। इस कीट के द्वारा 50% तक की हानि होती है।
जीवन चक्र:- निम्फ:- शुरुआत में यह कीट नबम्बर माह में दिखाई पड़ते हैं। इसमें मादा कीटों की संख्या अधिक होती है। मादा कीट सीधे शिशुओं को जन्म देती हैं। शिशु 3-6 दिन में प्रौढ़ बनते हैं। प्रौढ़:- प्रौढ़ कीट पंखयुक्त एवं पंखहीन होते हैं। इनका रंग हरा एवं हल्का स्लेटी होता है। नियंत्रण:- प्रकोप अधिक होने पर ऑक्सिडेमेटन - मिथाइल 25% ईसी @1000 मिली 500-1000 लीटर पानी, थायामेथोक्साम 25 डब्ल्यूजी @50-100 ग्राम 500-1000 लीटर पानी, एसिटामिप्रिड 1.1% + साइपरमेथ्रिन 5.5% ईसी @175-200 मिली प्रति 500 लीटर पानी के साथ मिलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। नोट :- विभिन्न फसलों के अनुसार दवाइयों की मात्रा अलग अलग रहती है। स्रोत: एग्रोस्टार एग्रोनॉमी सेंटर एक्सीलेंस यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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