आज का सुझावAgroStar एग्री-डॉक्टर
कपास के लिए प्रभावी खरपतवार प्रबंधन
कपास की फसल में खरपतवार मुख्य समस्या है जिसके कारण पैदावार में कमी आती है, उत्पादन लागत में वृद्धि होती है और खरपतवार से कपास में कीटों तथा बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए, कपास की फसल में खरपतवार का प्रबंधन बहुत जरूरी होता है।
कपास में खरपतवारों का प्रबंधन निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है। खर-पतवारों के उगने के बाद : चौड़ी और संकीर्ण पत्तीयों वाले खरपतवारों को नियंत्रित किया जाना चाहिए। चौड़ी पत्ती वाले (द्विदलीय) खरपतवारों के लिए - खरपतवार की 2-3 पत्तियां आने की अवस्था पर जब मिट्टी में नमी हो तो पाइरिथियोबैक सोडियम 10% ईसी @ 15-20 मिली प्रति पंप छिड़काव करें। संकीर्ण पत्तियों वाले (एकदलीय) खरपतवारों के लिए - खर पतवार की स्थति और वृद्धि के अनुसार प्रोपाकिजैपोफॉप 100 ईसी या फेनोक्साप्रोप-पी-इथाइल 9 ईसी या क्विजोलोफॉप इथाइल 5% ईसी @ 25-40 मिली प्रति पंप का छिड़काव करें। इस जानकारी को नीचे दिए गए किसी भी विकल्प के माध्यम से अन्य कपास किसानों के साथ साझा करें।
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