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बछड़े के जन्म के बाद होने वाले महत्वपूर्ण उपाय
बछड़ों के जन्म बाद तुरंत 6 घंटे के अंदर बछड़ों के वजन के अनुसार 10 % खीस दो से तीन हिस्सों में पिलाना चाहिए। खीस बछड़े में रोग प्रतिरोधकता प्रदान करने के लिए अति आवश्यक है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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घातक रेबीज रोग
रेबीज एक घातक वायरल बीमारी है। गाय, भैंस, भेड़ और बकरियों जैसे पशुओं पर रेबीज से संक्रमित कुत्तों या चमगादड़ के काटने से इसका संक्रमण होता है। संक्रमित पशुओं द्वारा...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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बछड़े के जन्म के बाद होने वाले महत्वपूर्ण उपाय
ब्यात के बाद नवजात बछड़ों को खीस पिलाना चाहिए। उसके बाद संतुलित एवं स्वच्छ आहार और स्वच्छ पानी की व्यवस्था अति महत्वपूर्ण है। यह बछड़े के भविष्य के विकास पर विचार किया...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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पशुओं के लिए हरे चारे के साथ सूखे चारे का मिश्रण
सूखे चारे को हरे चारे के साथ मिलाकर मवेशियों को खिलाना चाहिए, जिससे पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है और पाचन में सुधार होता है।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
17 Nov 19, 06:30 PM
पशुओं में दूध और दूध में वसा प्रतिशत बढ़ाने के लिए। ..
पशुपालक का मुनाफा दूध और दूध के वसा पर निर्भर होता हे। पशुधन में दूध उत्पादन और वसा का प्रतिशत गाय की आनुवंशिक संरचना पर निर्भर करता है। लेकिन पशुपालक पशु से...
पशुपालन  |  कृषि जागरण
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हरा चारा पशुपालन के लिए फायदेमंद है
दुधारू पशुओं को हरा चारा खिलाने से दुग्ध उत्पादन को लाभदायक बनाया जा सकता है। हरे चारे को पशुओं द्वारा आसानी से चबाया जा सकता है।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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पशुओं की खुराक में हरे चारे का महत्व
हरा चारा रसदार होता है, पानी की मात्रा ज्यादा होती है और पशु को अच्छा लगता है। हरा चारे में विभिन्न विटामिन - ए कैरोटीन के रूप पशु को मिलते है।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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पशुओं में डायरिया या दस्त की समस्या
यह बीमारी विशेष रूप से बछड़ों में ज्यादा देखने को मिलती है, हालांकि प्रत्येक जानवर को यह बीमारी हो सकती है। नियंत्रण हेतु, चूना का नितारा हुआ पानी आधा लीटर, उसमे 10...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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पशुओं में होने वाला सामान्य अपच
पशुओं के खुराक में अचानक फेर बदल किया जाये या फिर न पचने वाली खुराक देने से पशुओं में सामान्य अपच की समस्या अक्सर देखी जाती है। उपाय हेतु, 500 ग्राम विलायती नमक एक...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
10 Nov 19, 06:30 PM
पशुओं में जाने पथरी के लक्षण और इलाज
बदलते हुए समय के अनुसार नई बीमारियों का पशुओं पर भी प्रभाव पड़ रहा है। ऐसी ही बीमारियों में से एक है पथरी की समस्या। पथरी के बारे में वैसे आमतौर पर हमारी समझ सीमित...
पशुपालन  |  कृषि जागरण
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बकरी पालन एक व्यवसाय
बकरी पालन व्यवसाय को पशुपालकों के लिए वरदान माना जाता है। विशेष रूप से, बकरी के लिए भोजन के बारे में ज्यादा चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। बकरियां अधिकांश वनस्पतिओ को...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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पशुओं में थन फटने की समस्या का उपचार
थन में फटने की समस्या के नियंत्रित हेतु, दुग्ध दोहन करने वाले व्यक्ति के नाख़ून कटे होने चाहिए। हाथ में अंगूठी नहीं पहनना चाहिए। दोहन के बाद, पीपी( पोटेशियम परमैंगनेट)...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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पशुओं में थन फटने की समस्या
सर्दियों के मौसम में, अगर पशुधन को ठंड से ठीक से सुरक्षित नहीं किया जाए और फर्श कीउचित सफाई न की जाए तो सूक्ष्म जीवों के प्रकोप से पशुओं के थन फटने की समस्या होती है।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
03 Nov 19, 06:30 PM
पशुपालक कैलेंडर: नवंबर में ध्यान देने वाली बातें
इस मौसम में ठंड की शुरुआत हो जाती है, जिससे पशुपालक को अपने पशु के प्रति कुछ खास बातों का ध्यान देना पड़ता है। तो चलिए जानते हैं, इस महीने में ध्यान देने वाली बातें।
पशुपालन  |  NDDB
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अफरा की समस्या का घरेलू उपचार
500 ग्राम खाने के तेल में 25 ग्राम तारपीन का तेल मिलाएं और एक नली के माध्यम से पीला दें। उपरोक्त उपचार करने के बाद पशु को थोड़ा सा चलाना चाहिए। ये खुराक एक वयस्क जानवर...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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पशुओं में अफरा की समस्या
जुगाली करने वाले ( गाय और भैंस) में अफरा की समस्या पाई जाती है। इस रोग के कारण पशु के पेट में ज्यादा गैस बन जाती है। अफरा की समस्या अधिक हो और सही उपचार न मिल तो पशुओं...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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गाभिन पशु की देखभाल
6-7 महीने के गाभिन पशु को बहार चराने के लिए नहीं ले जाना चाहिए। उसे खड़े और बैठने के लिए पर्याप्त स्थान मिलना चाहिए।
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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स्वस्थ दूध उत्पादन के देखभाल
दुधारू पशु में ज्यादातर संक्रमण दूध दोहन के समय ही होता है। इसलिए जरुरी है की दूध दोहन के समय पशु व् रहेठान, दूध दोहन वाले व्यक्ति, वर्तन व् आसपास के क्षेत्र की साफ़...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
27 Oct 19, 06:30 PM
पशुओं के लिए आदर्श आवास व्यवस्था
• पशु आवास आमतौर पर मानव निवास के पास होना चाहिए। • यदि आवसीय निर्माण भूमि आसपास के क्षेत्र की तुलना में थोड़ी अधिक ऊंची और समतल हो, जिससे बारिश का पानी...
पशुपालन  |  एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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चाफ कटर का महत्व
पशुपालन में चाफ कटर का विशेष महत्व है। पशु को कट किया चारा देने से आराम से खा सकते है। मुख्य बात यह है कि chaffcutter का उपयोग से घास की बर्बाद कम होती है। चाफ्टिंग...
आज का सुझाव  |  AgroStar एग्री-डॉक्टर
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