सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
अच्छी गुणवत्ता योग्य प्याज बीज उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण योजना
किसी भी किस्म की उत्पादन क्षमता इसमें निहित आनुवंशिक गुणों पर निर्भर करती है। इसलिए यदि इसकी उत्पादन क्षमता को बनाए रखना है, तो यह ध्यान रखना चाहिए कि बीज के उत्पादन में किसी भी प्रकार की मिलावट ना हो। प्याज के बीज का उत्पादन लेने के लिए, प्याज कंद की बुवाई अच्छी तरह से जल निकास वाली मिट्टी में करना चाहिए। प्याज के बीज उत्पादन के लिए ठंडे वातावरण की आवश्यकता होती है। प्याज का चयन: 1. बीज के लिए 6 महीने पुराने कंद लगाए जाने चाहिए। बीज उत्पादन के लिए दो एक साथ चिपके हुए प्याज नहीं लेना चाहिए। 2. बुवाई से पहले, चयन किए गए प्याज के कंदों को 1/3 भागों में काटकर उसको फफूंदनाशक द्वारा उपचार करना चाहिए। इसलिए दो प्याज लगाए गए खेतों के बीच की दूरी 500 से 600 मीटर से अधिक होनी चाहिए। 3. प्याज की फसल में परागण होने की वजह से परागण में मधुमक्खियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए, खेत में गेंदा, शेवंती जैसी फसलों को अंतर फसल के रूप में लगाया जाना चाहिए । 4. जल प्रबंधन के लिए ड्रिप सिंचाई या फैलाव द्वारा पानी दें। फुवारा सिंचाई के उपयोग से बचें साथ ही उर्वरकों और खरपतवारों का भी उचित प्रबंधन किया जाना चाहिए। 5. बादलों वाले मौसम में बीजों को अच्छी गुणवत्ता नहीं मिलती है। फूल आने के बाद, चिलेटेड कैल्शियम @ 0.5 ग्राम, बोरॉन @ 1 ग्राम और प्लैनोफिक्स @ 0.25 मिली प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें । 6. बीज उत्पादन में थ्रिप्स, माहु और जड़ गलन/सड़न जैसी समस्याएं होती हैं, विकास चरण के दौरान खेत का हमेशा निरीक्षण किया जाना चाहिए और रोगग्रस्त पौधों को नष्ट कर दिया जाना चाहिए। 7. बुवाई के पश्चात फूल की कटाई 3 महीने के भीतर शुरू होती है। 2 से 3 चरणों में फूल की कटाई की जानी चाहिए। स्रोत - एगोस्टार एग्रोनॉमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगती है, तो फोटो के नीचे पीले अंगूठे के आइकन पर क्लिक करें और नीचे दिए गए विकल्प के माध्यम से अपने सभी कृषक मित्रों के साथ साझा करें!
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