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सर्दी की मोसम में पशु की देखभाल
सर्दियों में दुधारू पशुओं को चारा-दाना खिलाने, पानी पिलाने व दूध दोहन का एक ही समय रखें। अचानक बदलाव करने से दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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नवजात बच्चे का सही समय पर करवाए डिवोर्मिंग
नवजात बच्चे के जन्म के 15 वें दिन कृमि की पहली खुराक दें और फिर 6 महीने तक हर महीने एक अलग कृमिनाशक डॉक्टर से सलाह देन चाहिए।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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पशु का आवास का स्थान का वातावरण
पशुशाला एक साफ-सुथरे वातावरण में बनानी चाहिए।प्रदूषित वातावरण पशुओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालता है जिससे दुग्ध उत्पादन में कमी हो सकती है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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नफाकारक दूध उत्पादन व्यवसाय
एक आदर्श पशुपालक के रूप में, दूध देने वाले पशु हर 12 महीने में एक बच्चा पैदा करे ऐसा आयोजन किया जाना चाहिए। तभी पशुपालन व्यवसाय नफ़ाकारक बनेगा।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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दुधारू पशु का खुराक
दुधारू पशुओं को अपने नियमित भोजन के अलावा दूध उत्पादन के लिए अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। ऐसे मवेशियों को खिलाने के लिए दैनिक आधार पर 1-2 किलोग्राम दिया जाना...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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सर्दी के मौसम में पशु की देखभाल
पशुओं के बैठने के स्थान को सूखा रखने का प्रयास करें, पुआल या कोई नर्म, सस्ती तथा पानी चूसने वाली चीज पशुओं के नीचे फर्श पर डालें, जिससे फर्श सूखा रहे|
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गाभिन पशुओं का आहार
गाभिन पशु को पहले छह से सात महीनों के तक ज्यादा concentrate feed और पोषक तत्वों आवश्यकता कम होती है, लेकिन पिछले तीन महीनों में बच्चे की वृद्धि बहुत तेजी से होती है...
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लाभदायक पशुधन खेती की कुंजी
पशुपालन व्यवसाय को लाभदायक बनाने के लिए, आधुनिक प्रजनन विधियों को अपनाना चाहिए। जिससे स्वस्थ एवं अच्छी नस्ल के बछड़े होते है और दुग्ध उत्पादन बढ़ता है।
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पशुओं में गर्भधारण से ब्याने का समय
आमतौर पर गायों का गर्भधारण दिन 272 से 285 दिन और भैंस में 300 से 310 दिन के बाद बछड़े को जन्म देती है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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संतुलित पशुआहार का महत्व
ज्यादातर पशुपालक पशुओं को एक ही प्रकार के अनाज, जैसे कि बाजरा या कपासिया खिलाते हैं। जो एक संतुलित आहार नहीं है और महंगा भी है, लेकिन यदि यह उचित मूल्य और मिश्रित अनाज...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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अप्रचलित पशुआहार
सब्जियों की पत्तियां और बेलें भी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं और ऐसी सब्जियां और बेलें आहार के रूप में खिलाते हैं। सब्जियों के पत्ते जैसे फूलगोभी, अरहर, पत्तागोभी...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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कृमि ख़त्म करने के लिए महत्वपूर्ण उपाय
कृमि पशुओं के विकास में मुख्य अवरोधक है, जिसके नियंत्रण हेतु कृमि से पीड़ित पशु को नीम की पत्तियों को बारीक़ करके हींग के साथ खिलाने से पशुओं के कृमि से राहत मिलती है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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कृत्रिम गर्भाधान करने का सही समय
पशुपालक के लिए पशुओं को समय पर गाभिन करवाना अधिक महत्वपूर्ण होता है, इसलिए पशु जब गरमी में आने के बाद 12 से 18 घंटे के अंदर कृत्रिम गर्भाधान करवाने का सही समय है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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पशुओं में कृमि के लक्षण
दुधारू पशुओं का दुग्ध उत्पादन कम हो जाता है। जानवर का गर्भ न ठहरने की समस्या आती है या सही समय पर गाभिन नहीं होना। पशु की त्वचा खुरदुरी और आँखों से पानी निकलता है और...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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पशुओं को साइलेज के फायदे
दुधारू पशुओं के लिए चारे की नियमित अनुपस्तिथि में साइलेज का उपयोग किया जाता है। पशुओं को विभिन्न मौसमों के दौरान सामान गुणवत्तायुक्त चारा प्राप्त होता है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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ब्यात के बाद मादा पशुओं में होने वाला कीटोसिस रोग
यह एक प्रकार का चयापचय रोग है। ब्यात के समय से एक महीने तक यह रोग मादा पशु को होने की संभावना अधिक होती है। उपचार के लिए पशु चिकित्सक को दिखाएं।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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ब्यात के बाद मादा पशुओं में होने वाला दुग्ध ज्वर रोग
यह रोग पशुओं में कैल्शियम की कमी के कारण ब्यात के 72 घंटे के भीतर होता है। इस रोग के उपचार हेतु तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क किया जाना चाहिए।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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पशुधन में खनिज तत्वों का महत्व
जानवरों को विभिन्न चारा से खनिज तत्व मिलते हैं, लेकिन वे पर्याप्त नहीं हैं जिस से अक्सर शरीर में खनिज तत्वों की कमी पाई जाती है, इस के निवारण हेतु प्रतिदिन खनिज तत्वों...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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स्वच्छ दूध उत्पादन
स्वस्थ पशुओं द्वारा प्राप्त दूध, जिसमें एक अच्छा स्वाद और खुश्बू होती है, जिसमें धूल, मिट्टी, घास, गोबर, मक्खियाँ न हो, और कम से कम मात्रा में जीवाणुओं की सख्या हो।...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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पशुओं के लिए पर्याप्त पानी दें
पानी पशु आहार का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। एक वयस्क जानवर के शरीर में लगभग 60 से 65 प्रतिशत पानी होता है। शरीर में पानी की कमी पशुओं के शरीर में कई कार्यों के लिए असंतुलित...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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