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दुग्ध-ज्वर बीमारी के लक्षण
• पशुओं का बेचैन होना। • पशुओं का कांपना और लड़खड़ाना, मांसपेसियों में कंपन होन आदि है, जिसके कारण पशु खड़ा रहने में असमर्थ रहता है। • पलके झूकी-झूकी और आंखे निस्तेज सी...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
26 Jan 20, 06:30 PM
बाईपास प्रोटीन एक महत्वपूर्ण पशु आहार
दुग्ध उत्पादक पशुओं के पेट में चार कंपार्टमेंट होते हैं। पहला और सबसे महत्वपूर्ण 'रुमेन' है, जहाँ चारा और भूसे का अधिकांश किण्वीकरण होता है। जब हम इन पशुओं को प्रोटीन...
पशुपालन  |  पशु चिकित्सक
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पशु में दुग्ध - ज्वर बीमारियाँ
यह बीमारी दुधारू पशु को ही यह अपना शिकार बनाती है। डिलेवरी के बाद 24 घंटे के अदंर दुग्ध - ज्वर के लक्षण साधारणतया दिखेते हैं। यह बीमारी गाय भेस और बकरी को जपेट में...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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जानिए गलाघोंटू रोग के लक्षण
यह जीवाणु जनित रोग है यह “पास्चुरेल्ला माल्टोसिडा” द्वारा होता है इस रोग में 104-106F तक बुखार आता है, गले में सूजन, साँस लेने में कठनाई होने लगती हे। इसका उपचार न...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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सर्दी के मौसम में दुधारू पशुओं की विशेष देखभाल
दूध देने वाले जानवर को हरे चारे के साथ भूसा खाने को दिया जाए। दाना की मात्रा सामान्य दिनों की अपेक्षा बढ़ा देनी चाहिए। इसके अलावा गाय व भैंस को गुड़ व सरसों का तेल देना...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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सर्दी के मौसम में पशु की देखभाल
सर्दियों में दुधारू पशुओं को चारा-दाना खिलाने, पानी पिलाने व दूध दोहन का एक ही समय रखें। अचानक बदलाव करने से दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
19 Jan 20, 06:30 PM
आहार संतुलन कार्यक्रम
• क्या आप आहार संतुलन कार्यक्रम के बारे में जानते हैं? • आहार संतुलन कार्यक्रम की आवश्यकता क्यों है? • पशुपालन में आहार संतुलन कार्यक्रम के क्या लाभ हैं ? • क्या...
पशुपालन  |  NDDB
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नवजात बच्चे का सही समय पर करवाए डिवोर्मिंग
नवजात बच्चे के जन्म के 15 वें दिन कृमि की पहली खुराक दें और फिर 6 महीने तक हर महीने एक अलग कृमिनाशक डॉक्टर से सलाह देन चाहिए।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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पशु का आवास का स्थान का वातावरण
पशुशाला एक साफ-सुथरे वातावरण में बनानी चाहिए।प्रदूषित वातावरण पशुओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालता है जिससे दुग्ध उत्पादन में कमी हो सकती है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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नफाकारक दूध उत्पादन व्यवसाय
एक आदर्श पशुपालक के रूप में, दूध देने वाले पशु हर 12 महीने में एक बच्चा पैदा करे ऐसा आयोजन किया जाना चाहिए। तभी पशुपालन व्यवसाय नफ़ाकारक बनेगा।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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दुधारू पशु का खुराक
दुधारू पशुओं को अपने नियमित भोजन के अलावा दूध उत्पादन के लिए अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। ऐसे मवेशियों को खिलाने के लिए दैनिक आधार पर 1-2 किलोग्राम दिया जाना...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
12 Jan 20, 06:30 PM
पशुओं की पहचान करने के विभिन्न तरीके
यदि पशु पालक के पास कम पशु हैं तो, उनके प्रत्येक जानवर की पहचान करना और उन्हें एक दूसरे से अलग करना संभव है। लेकिन जो लोग आधुनिक तरीके से बड़े स्तर पर पशुपालन करते हैं...
पशुपालन  |  पशु चिकित्सक
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सर्दी के मौसम में पशु की देखभाल
पशुओं के बैठने के स्थान को सूखा रखने का प्रयास करें, पुआल या कोई नर्म, सस्ती तथा पानी चूसने वाली चीज पशुओं के नीचे फर्श पर डालें, जिससे फर्श सूखा रहे|
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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गाभिन पशुओं का आहार
गाभिन पशु को पहले छह से सात महीनों के तक ज्यादा concentrate feed और पोषक तत्वों आवश्यकता कम होती है, लेकिन पिछले तीन महीनों में बच्चे की वृद्धि बहुत तेजी से होती है...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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लाभदायक पशुधन खेती की कुंजी
पशुपालन व्यवसाय को लाभदायक बनाने के लिए, आधुनिक प्रजनन विधियों को अपनाना चाहिए। जिससे स्वस्थ एवं अच्छी नस्ल के बछड़े होते है और दुग्ध उत्पादन बढ़ता है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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AgroStar Krishi Gyaan
Maharashtra
05 Jan 20, 06:30 PM
पशुओं में डीवॉर्मिंग ( कृमिनाशक) का महत्व
• कृमि के कारण पशु के दूध उत्पादन में कमी आती है। • कृमिनाशक दवा पशु की उम्र और वजन के हिसाब से देनी चाहिए। • कृमिनाशक पशु को वर्ष में 2 बार अवश्य देना चाहिए।...
पशुपालन  |  NDDB
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पशुओं में गर्भधारण से ब्याने का समय
आमतौर पर गायों का गर्भधारण दिन 272 से 285 दिन और भैंस में 300 से 310 दिन के बाद बछड़े को जन्म देती है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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संतुलित पशुआहार का महत्व
ज्यादातर पशुपालक पशुओं को एक ही प्रकार के अनाज, जैसे कि बाजरा या कपासिया खिलाते हैं। जो एक संतुलित आहार नहीं है और महंगा भी है, लेकिन यदि यह उचित मूल्य और मिश्रित अनाज...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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अप्रचलित पशुआहार
सब्जियों की पत्तियां और बेलें भी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं और ऐसी सब्जियां और बेलें आहार के रूप में खिलाते हैं। सब्जियों के पत्ते जैसे फूलगोभी, अरहर, पत्तागोभी...
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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कृमि ख़त्म करने के लिए महत्वपूर्ण उपाय
कृमि पशुओं के विकास में मुख्य अवरोधक है, जिसके नियंत्रण हेतु कृमि से पीड़ित पशु को नीम की पत्तियों को बारीक़ करके हींग के साथ खिलाने से पशुओं के कृमि से राहत मिलती है।
आज का सुझाव  |  पशु चिकित्सक
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