जैविक खेतीएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
केंचुआ खाद तैयार होने की जांच
फसलों की मजबूत वृद्धि और अधिक उत्पादकता के लिए जैविक उर्वरकों का उपयोग फायदेमंद है। रासायनिक उर्वरकों की मर्यादा और जैव उर्वरकों के लाभों को ध्यान में रखते हुए, जैविक खादों को उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है जो कि शुद्ध रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता के बिना हमारे अपने खेतों में उत्पादित की जा सकती हैं। उसके साथ, अपने ही खेत में तैयार जैविक खाद उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। इसलिए आपको कम्पोस्ट खाद, केंचुआ और गोबर खाद का अधिकतम उपयोग करना चाहिए।_x000D_ _x000D_ _x000D_ _x000D_ _x000D_ केंचुआ खाद की जांच_x000D_ सभी फसल अवशेष अण्डाकार छोटी गोलियां हो गई दिख जाता है।_x000D_ केंचुआ खाद पी एच 7 के बीच होता है।_x000D_ केंचुए खाद की गंध पानी देने के बाद मिट्टी की गंध की तरह आती है।_x000D_ खाद का रंग गहरा काला होता है।_x000D_ _x000D_ _x000D_ कार्बन: नाइट्रोजन अनुपात 15-20.1 होता है। केंचुआ खाद में पोषकतत्वों की मात्रा केंचुआ खाद के लिए उपयोग ली जाने वाले कार्बनिक पदार्थ के अनुसार भिन्न होती है। केंचुआ खाद में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की अन्नघटक प्रमाण के अनुसार गोबर खाद अन्नद्रव्य की तुलना में लगभग दोगुनी होती है। सामन्यतः फसल केअवशेष से तैयार की गई केंचुआ खाद यह गन्ने की फसल के उत्कृष्ट खाद में 5 प्रतिशत नाइट्रोजन 1.85, 0.65 प्रतिशत फॉस्फोरस, 1.30 प्रतिशत पोटाश और 35 से 42 प्रतिशत जैविक कार्बनिक पदार्थ होते हैं। इसमें गोबर खाद की तुलना में सूक्ष्म अन्नद्रव्य की मात्रा भी अधिक होती है। इसलिए,फसल के अवशेष से तैयार केंचुआ खाद गन्ने की खेती के लिए एक उत्कृष्ट जैविक खाद है और एक हेक्टेयर क्षेत्र के लिए, 5 टन केंचुआ खाद को मिट्टी में मिलाकर ढक दें।_x000D_ _x000D_ _x000D_ केंचुओं के फायदे_x000D_ • मिट्टी की में उर्वकता में सुधार करते हैं।_x000D_ • मिट्टी के कणों की संरचना में एक योग्य परिवर्तन करते हैं। _x000D_ • केंचुए के बिलों की वजह से पेड़ की जड़ों को बिना नुकसान हुए सबसे अच्छी जुताई हो जाती है।_x000D_ • मिट्टी में पानी को धारण करने की क्षमता बढ़ जाती है।_x000D_ • वाष्पीकरण की दर घट जाती है।_x000D_ • उपयुक्त स्तर पर मिट्टी के पीएच को बनाए रखता है।_x000D_ • केंचुए मिट्टी को नीचे से ऊपर की ओर बढ़ाते हैं और इसे अच्छी गुणवत्ता का बनाते हैं।_x000D_ • केंचुआ खाद में ह्यूमस के प्रमाण ज्यादा होने के कारण नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और अन्य सूक्ष्मजीव से पौधों को उपलब्ध होते हैं।_x000D_ • मिट्टी में उपयुक्त जीवाणुओं की संख्या में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है।_x000D_ • गीले कचरे का प्रबंधन भी होता है। _x000D_ _x000D_ संदर्भ - एगोस्टार एग्रोनॉमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस_x000D_
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