जैविक खेतीएग्रीकल्चर फॉर एवरीबडी
नीम के अर्क को तैयार करने की विधि
• पहले अच्छी तरह से सुखाए हुए नीम के बीज (निंबोली) को खल में या उपकरण का उपयोग करके बारीक चूर्ण बना लें। • फिर बारीक पिसे हुए चूर्ण को 1 किलो तौल कर 10 लीटर साफ पानी में रात भर भिगो कर रखें। • रातभर भिगोने के बाद इसे एक सूती कपड़े से छान लें। बचे हुए अवशेषों को खाद के रूप में पौधों के लिए उपयोग करें।
सामग्री: • नीचे बताए गए पौधों के भाग को 500 लीटर ड्रम में तोड़कर रखें • नीम के पत्ते - 5 किलो • जटरोपा की पत्तियां • पपीता - 2 किलो पत्तियां • गुडवेल- 2 किग्रा • सीताफल के पत्ते - 2 किलो, • करंजा पत्ते - 2 किलो, • अंरडी पत्ते - 2 किलो • नेरियम पत्ते - 2 किलो • मुदार के पत्ते - 2 किलो • हरी मिर्च का पेस्ट - 2 किलो • लहसुन का पेस्ट – 250 ग्राम • गाय का गोबर – 3 किलो • गोमूत्र – 5 लीटर • पानी - 200 लीटर तैयार करने की विधि • 200 लीटर का बर्तन लें (या प्लास्टिक ड्रम या इसी तरह का) • इसमें सबसे पहले पानी डालें • पानी में सभी 10 अलग-अलग पत्तियों को डूबोएं • डूबे हुए पत्तों के ऊपर गौमूत्र और गाय का गोबर डालें • उन्हें अच्छी तरह से मिलाएं और इसे 5 दिनों के लिए छोड़ दें • छठवें दिन, 5-7 लीटर पानी डालें और फिर से बर्तन में सभी सामग्रियों को मिलाएं • इसे एक महीने तक ऐसे ही रहने दें • दशपर्णी अर्क इसे छानने के बाद उपयोग करने के लिए तैयार है भंडारण की विधि • कीटनाशक को छाया में रखकर उसे एक तार की जाली या प्लास्टिक की मच्छरदानी से ढंकना चाहिए। ताकि उसमें कोई भी कीट अंडे न दे पाएं और उसमें कीट न पनप पाएं। • इस प्रक्रिया से यह जैविक कीटनाशक लंबे समय तक ठीक रहता है। • यह अर्क छह महीने तक संग्रहीत किया जा सकता है और एक एकड़ के लिए पर्याप्त है। • कीटनाशक को अच्छी स्थिति में चार महीने तक संग्रहीत किया जा सकता है। कीटनाशक का उपयोग कैसे करें? छिड़काव प्रणाली - कीटनाशक को छिड़काव को रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान दें: • 125 मिलीलीटर कीटनाशक का 10 लीटर पानी के साथ घोल तैयार करें। • एक एकड़ के लिए 200 लीटर पानी के साथ 2.5 लीटर कीटनाशक को घोल तैयार करें। स्रोत : एग्रीकल्चर फॉर एवरीबडी यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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