AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
21 Dec 19, 06:30 PM
जैविक खेतीएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
कीट नियंत्रण में कीट परजीवी कीड़े का उपयोग
पर्यावरण में विभिन्न उपयोगी सूक्ष्मजीव उपलब्ध हैं और बीमारियों को नियंत्रित करने में भी अच्छे कार्य करते हैं। ऐसे ही उपयोगी सूक्ष्मजीवों का उपयोग करके उससे जैविक नियंत्रण किया जाता है। सूत्रकृमी की कुछ प्रजातियां, जो कीटों के शरीर में बढ़ते हैं और कीटों को बीमार करके मार देती हैं, उसको ही कीट परजीवी सूत्रकृमी-एन्टामोपैथोजेनिक नेमाटोड (ई.पी.एन.) कहा जाता है। इस तंत्र द्वारा कीट को नियंत्रित करने की प्रक्रिया कीट कवक के समान है। कीटपरजीवी सूत्रकृमी यह पौधों को नुकसान पहुंचाने वाले सूत्रकृमी के आकार में थोड़े बड़े होते हैं। कीटनाशकों की श्रेणी में कुछ प्रजातियां, जैसे कि हेटरूरैबडाइटिस, स्टेनरनेमा, फोटोरैबिडाइटिस, कीट के शरीर में प्रवेश करती हैं और कीट को नष्ट कर देती हैं। जेनोरैब्डिस जैसे जन्मजात बैक्टीरिया की मदद से, स्टेनेरनेमा जैसी प्रजातियां कीटों को बेहतर नियंत्रण में मदद करती हैं। शरीर में प्रवेश करने के बाद, कोशिकाएं तेजी से अंदर बढ़ती हैं और पूरा शरीर रोगग्रस्त हो जाता है। 3 से 5 दिनों के भीतर, कीट मर जाता है। चींटियां शवों के माध्यम से, नए मेजबान कीटों की तलाश में लौटते हैं, फिर अन्य कीटों को संक्रमित करना शुरू करते हैं। इसका उपयोग उपलब्ध फ़ॉर्म्युलेशन्स के अनुसार छिड़काव करके किया जा सकता है। कीटों के शरीर से संपर्क करने के लिए आसान तरीके से उपयोग किए जाने पर तेजी से परिणाम दिखाई देते हैं। दीमक जैसे जमीन पर आधारित किट के संपर्क में आने के लिए मिट्टी में ड्रिप के साथ या जैविक खाद में भी मिलाकर दिया जा सकता है। साथ ही इसके उपयोग के कारण दीमक, नारियल में पाए जानेवाले गुबरैला (rhinoceros beetle), नारियल वर्गीय फसल में नुकसान पहुंचानेवाले भुंगे, केले के जड़ में घुन, अंगूर-आम की नारंगी बागवानी फसल में तना छेदक, अमेरिकी सुंडी, पत्ती खाने वाले सुंडी, जमीन में से पेड़ की जड़ खानेवाली सुंडी, सब्जियों में पत्ते खानेवाली या फल छेदक पतंग-वर्ग की सुंडी के ऐसे विभिन्न वर्गों में से कीटों को नियंत्रित करते हैं। संदर्भ - एगोस्टार एग्रोनॉमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगती है, तो फोटो के नीचे पीले अंगूठे के आइकन पर क्लिक करें और नीचे दिए गए विकल्प के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें!
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