पशुपालनएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
पशुओं को स्वस्थ और निरोगी रखने के उपाय
पशु-पालक के लिए पशु ही सच्चा धन है। दुधारू पशु और बच्चे स्वस्थ रहेंगे तभी वर्तमान और भविष्य में मुनाफा मिल सकता है। ऐसा करना पशु-पालक के ही हाथ की बात है। इसके लिए हमें अलग से खर्च करने की जरूरत नहीं है। जरूरत है सिर्फ उचित उपाय की, तो आइए जानते हैं कुछ उपायों के बारे में.......
ताजा और साफ पानी पशु पोषण में पानी सबसे महत्वपूर्ण तत्वों में से एक है। पानी शरीर के स्वास्थ्य, ठंडक, भोजन के पाचन और दूध के उत्पादन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। एक वयस्क पशु को एक दिन में 35 से 70 लीटर पानी मिलना चाहिए। संतुलित आहार सभी जानवरों के भोजन सेवन की अपनी सीमाएं हैं। पशु अपने वजन का 25% सूखा चारा और 10% तक हरा चारा खा सकते हैं। यदि पशु को कम चारा दिया जाता है तो पशु भूखा रह सकता हे और दुष्प्रभाव के रूप में, पशु की वृद्धि कम हो जाती है, गर्भावस्था में देर, और पोषण की कमी के कारण बीमारी जल्द ही आ जाती हे। ऐसा होने से रोकने के लिए, सभी जानवरों को हरी-सुखी घास और उनके लिए जो आवश्यक चारा हो देने से जानवर स्वस्थ रहेगा। वयस्क पशु 9-11 किलो सूखा और 35-45 किलो हरी घास खा सकते हैं। इससे ज्यादा मात्रा में घास देने से घास की बर्बादी हो सकती है। दुधारू पशु को उसकी दूध की मात्रा का 50% फाइबर और प्रोटीन युक्त आहार देने की सिफारिश है। संदर्भ - एगोस्टार एग्रोनॉमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगती है, तो फोटो के नीचे पीले अंगूठे के आइकन पर क्लिक करें और नीचे दिए गए विकल्पों के माध्यम से अपने कृषक मित्रों के साथ साझा करें!
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