कृषि वार्तालोकमत
चीनी की कीमत में वृद्धि की संभावना
नई दिल्ली। इस साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में 82 लाख टन चीनी की कमी होगी। ऑस्ट्रेलिया के राबो बंक की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के पास इस समय चीनी के अतिरिक्त निर्यात का एक बड़ा अवसर है। _x000D_ इस वर्ष भारत, थाईलैंड और यूरोपीय संघ में चीनी उत्पादन में गिरावट आई है। भारत में, सूखे, बाढ़ और भारी वर्षा के कारण चीनी उत्पादन में लगभग 21 प्रतिशत की गिरावट की उम्मीद है। यूरोपीय संघ, थाईलैंड, पाकिस्तान और चीन जैसे गन्ना उत्पादक देशों का भी यही हाल है। चीनी की अधिक कीमत न मिलने की वजह से कुछ देशों ने चीनी उत्पादन कम कर दिया है।_x000D_ नतीजतन, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगभग 82 लाख टन हो गया है। इससे भारत को अपनी चीनी का स्टॉक बैलेंस खत्म करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, चीनी की बढ़ती मांग से चीनी की कीमतें बढ़ेंगी। चीनी कारखाने इस अवसर का लाभ उठाकर अधिक चीनी निर्यात कर सकते हैं, जो उनकी वित्तीय समस्याओं को हल करने में मदद करेगा। साथ ही, उन्हें वित्तीय सहायता की मांग किए बिना गन्ने का एफआरपी दिया जा सकता है।_x000D_ _x000D_ स्रोत - लोकमत, 10 जनवरी 2020_x000D_ यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।_x000D_
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