कृषि वार्तालोकमत
कीमतें काबू करने के लिए एक लाख टन प्याज आयात करेगी सरकार
नई दिल्ली। प्याज की कीमतें काबू करने के लिए केंद्र ने एक लाख टन प्याज के आयात का फैसला किया है। प्याज के प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र के साथ ही अन्य राज्यों में हुई बेमौसम बारिश से प्याज की आवक प्रभावित होने से कई राज्यों में इसके खुदरा दाम अभी भी 70-80 रुपये प्रति किलो बने हुए हैं।
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि सरकार ने प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एक लाख टन प्याज के आयात का फैसला लिया है। एमएमटीसी 15 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच आयातित प्याज देश में वितरण के लिए उपलब्ध कराएगा और नेफेड को देश के हर हिस्से में प्याज का वितरण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।_x000D_ प्याज की कीमतों को काबू करने के लिए कैबिनेट सचिव ने उपभोक्ता मामलों के सचिव के साथ एक हाई लेवल मीटिंग कर देश के कई हिस्सों में प्याज संकट की समीक्षा की थी। उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक कृषि मंत्रालय और उपभोक्ता विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ खाद्य मंत्रालय से जुड़ीं अहम सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तुर्की और मिस्र जाएं और वहां से प्याज का आयत करने की कोशिश को तेज करें। साथ ही, एमएमटीसी को कहा गया है कि दुबई और दूसरी जगहों से बड़ी मात्रा में प्याज का आयात करें जिससे की बाजार में प्याज की किल्लत जल्दी दूर की जा सके। _x000D_ स्रोत – लोकमत, 11 नवंबर 2019_x000D_ यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।_x000D_
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