AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
02 Feb 20, 06:30 PM
पशुपालनNDDB
साईलेज बनाने की विधि
• साईलेज बनाने के लिए दाने वाली फसलें जैसे मक्का, ज्वार, जई, बाजरा आदि साईलेज बनाने के लिए उतम फसले हैं। • साईलेज बनाने के लिए दाने वाली फसलों जैसे मक्का, ज्वार, जई आदि को साईलेज बनाने के लिए जब दाने दूधि्या अवस्था हो तो काटना चाहिए। इस समय चारे में 65-70 प्रतिशत पानी रहता है। • साईलेज बनाने के लिए गड्ढो के लिए जगह का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। गड्ढे हमेशा उॅंचे स्थान पर बनाने चाहिए जहां से वर्षाा के पानी का निकास अच्छी तरह हो सके। • साईलेज बनाने के लिए चारे वाली फसलों को काट कर थोडी देर के लिए खेत में सुखाने के लिए छोड देना चाहिए।
• जब चारे में नमी 70 प्रतिशत के लगभग रह जाये उसे कुट्टी काटने वाली मशीन से छोटे-छोटे टुकडों में काट कर गड्ढों में अच्छी तरह दबाकर भर देना चाहिए। • गड्ढे भरने के तीन महीने बाद गड्ढों को खोलना चाहिए। • एक सामान्य पशु को 20-25 किलोग्राम साईलेज प्रतिदिन खिलाया जा सकता है। स्रोत: एनडीडीबी यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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