AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
13 Jan 19, 06:00 PM
पशुपालनएग्रोवन
जानवरों के लिए फायदेमंद मुरघास!
जहां हरे चारे का उत्पादन ज्यादा है वहां मुरघास का प्रबंधन करें। मुरघास बनाने के लिए एकदल फसल और द्वियदल फसल का चयन करें क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज की उच्च मात्रा होती है। इससे यीष्ट की प्रक्रिया अच्छी तरह से होती है। मक्के की फसल मुरघास के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। मुरघास बनाने की विधि: • ज्वार, बाजरा और मक्के से इसे तैयार किया जाता है और लहसुन घास और बरसीम से भी इसे बनाया जाता है। • सबसे पहले चारे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और जमीन में 2.4 से 3.0 मीटर गहरे आकार के गड्ढे बनाएं। ध्यान रखें इस गड्ढे को बनाते समय हमेशा किसी ऊंची जगह की भूमि का चयन करें। क्योंकि इससे जल निकासी सही और व्यवस्थित तरीके से होती है। • अच्छी गुणवत्ता वाले मुरघास को तैयार करने के लिए 1 से 1.5% गुड़ के पानी का छिड़काव करें और एक दल फसलों पर यूरिया का 1% छिड़काव करें। • चारे में हवा न घुसे यह सुनिश्चित करने के लिए इसे सही ढंग से दबाएं। यदि चारे में हवा लगी तो इससे उसमें कवक (फंगस) लग सकती है। • जब गड्ढा अच्छी तरह से भर जाए तो इसे प्लास्टिक पेपर से ढक दें और इसके ऊपर घास फैला दें। अच्छी मुरघास तैयार होने में लगभग 55 से 60 दिन लगते हैं।
मुरघास खिलाने की विधि: दुधारू पशुओं को रोजाना 10 से 15 किलो मुरघास खिलाएं। सूखे चारे के साथ मुरघास को मिलाएं क्योंकि पशु आसानी से इसका सेवन कर सकते हैं। स्रोत - एग्रोवन
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