कृषि वार्तागांव कनेक्शन
सूखे में बेहतर पैदावार देने वाली सोयाबीन की किस्म पर शोध
वैज्ञानिकों ने सोयाबीन के जीनोटाइप की पहचान की है, जिसकी सहायता से सोयाबीन की ऐसी किस्म विकसित करने में मदद मिलेगी, जिसके उत्पादन पर सूखे का असर नहीं पड़ेगा। भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर के वैज्ञानिकों ने सूखा सहन करने वाले सोयाबीन के सोलह जीनोटाइप का अध्ययन किया। सोलह किस्मों को सामान्य सिंचित अवस्था में रखा गया। इसके बाद प्रयोग के तौर पर पानी नहीं दिया गया, जबकि उसमें से कुछ पौधों को सामान्य सिंचाई की गई।
भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह भाटिया ने कहा कि चार सोयाबीन जीनोटाइप (EC 538828, JS 97-52, EC 456548, and EC602288) को सूखे का प्रतिरोधी माना गया। इन किस्मों में सूखे से लड़ने की क्षमता है, ये किस्में सूखे में मिट्टी से पानी और पोषक तत्व को कुशलता से लेने में सक्षम होती हैं। इनकी पत्तियों में मोम जैसा तत्व है जो वाष्पोत्सर्जन के कारण पानी की कमी को रोकता है। सोयाबीन की खेती मुख्य रूप से वर्षा आधारित क्षेत्रों में की जाती है। 12 मिलियन टन उत्पादन के साथ सोयाबीन भारत में सबसे तेजी से उगने वाली फसलों में से एक है। शीर्ष तीन सोयाबीन उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान हैं। स्रोत – गांव कनेक्शन, 06 मई 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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