कृषि वार्ताआउटलुक एग्रीकल्चर
बासमती चावल का रिकार्ड 44.15 लाख टन निर्यात
बासमती चावल का निर्यात वित्त वर्ष 2018-19 में 9 फीसदी बढ़कर रिकार्ड 44.15 लाख टन हुआ है। ईरान की आयात मांग बढ़ने से बासमती चावल के निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में बासमती चावल में ईरान की आयात मांग ज्यादा रही है। उन्होंने बताया कि ईरान भारत से सालाना 6.5 से 7 लाख टन बासमती चावल का आयात कर रहा था, लेकिन वित्त वर्ष 2018-19 में ईरान ने 10 लाख टन का आयात किया है। इस दौरान यूरोपीय यूनियन की आयात मांग बासमती चावल में कम रही है।
वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान मूल्य के हिसाब से बासमती चावल का निर्यात 23 फीसदी बढ़कर 32,806 करोड़ रुपये का हुआ है जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष के दौरान 26,871 करोड़ रुपये मूल्य का ही बासमती चावल का निर्यात हुआ था। गैर-बासमती चावल का निर्यात मूल्य के हिसाब से वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान घटकर 20,903 करोड़ रुपये का ही हुआ है जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष में 23,437 करोड़ रुपये मूल्य का गैर-बासमती चावल का निर्यात हुआ था। स्रोत – आउटलुक एग्रीकल्चर, 03 मई 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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