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कपास के रोपण से पहले गुलाबी सुंडी के इल्ली का प्रबंधन
यदि कपास के पिछले सीजन की फसल में गुलाबी सुंडी का संक्रमण हुआ है तो वहां इस बार भी संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए, किसानों को इस कीट को लेकर कुछ सावधानी बरतनी चाहिए। • यदि आपके खेत में अभी भी पिछली कपास की लकड़ी या गुच्छे हैं, तो इनका तुंरत निपटारा करना चाहिए। • श्रेडर की मदद से कपास की लकड़ी को टुकड़ों में काटें और इसकी जैविक खाद तैयार करें। • जिनिंग कारखानों के परिसर में फेरोमोन जाल स्थापित करें। • ईंधन के लिए इक्ट्ठा की गई कपास की लकड़ी के ढेर को प्लास्टिक के जाल से ढकें।
• जल्दी परिपक्व होने वाली कपास की किस्मों का चयन करें। • समय पर बुवाई का पालन करें, प्रारंभिक बुवाई में संक्रमण अधिक होता है। • बीटी-कपास बीज के साथ-साथ बीटी पैकेट में उपलब्ध नॉन बीटी-कपास बीज को रिफ्यूजिया के रूप में बोएं। • संतुलित उर्वरक और सिंचाई का उपयोग करें। • कपास में फसल चक्र और उचित अंतर-फसल का पालन करें। डॉ. टी.एम. भरपोडा, एंटोमोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर, बी ए कालेज ऑफ एग्रीकल्चर, आनंद कृषि विश्वविद्यालय, आनंद- 388 110 (गुजरात भारत) यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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