AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
27 Jan 20, 01:00 PM
कृषि वार्ताद इकोनॉमिक टाइम्स
चीनी की बिक्री के लिए एक दोहरी पद्धति के उपयोग की संभावना
चीनी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का प्रभाव घरेलू उपभोक्ता पर पड़ता है। इसलिए चीनी की बिक्री के लिए दोहरी पद्धति शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। केंद्रीय कृषि मूल्य आयोग की ओर से केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन ने भी इस योजना का स्वागत किया है। चीनी की बिक्री घरेलू उपभोक्ताओं की तुलना में औद्योगिक क्षेत्र में अधिक व्यापक रुप से की जाती है। आम तौर पर उपभोक्ताओं और औद्योगिक क्षेत्र दोनों को 31 रु. प्रति किलो की दर से चीनी उपलब्ध होती है। इसलिए, चीनी कारखानों को इससे कोई लाभ नहीं मिलता है, लेकिन यदि चीनी की बिक्री के लिए एक दोहरा तरीका शुरू किया जाए तो, चीनी कारखानों को वित्तीय सहायता मिलेगी।
आज चीनी की 60% बिक्री औद्योगिक क्षेत्र में होती है। इस क्षेत्र में आमतौर पर सालाना 26 मिलियन मीट्रिक टन चीनी की मांग रहती है। आयोग ने कहा, "इस क्षेत्र में ग्राहकों की बड़ी संख्या है यदि दरों को अलग-अलग तरीके से निर्धारित किया जाता है, तो कारखानों को फायदा होगा और किसानों को गन्ने के अच्छे दाम मिल सकते हैं।" केंद्र सरकार इस पर विचार कर रही है। परिणामस्वरूप, घरेलू उपभोक्ताओं को चीनी कम दरों पर उपलब्ध होगी और साथ ही चीनी की कीमतें भी नियंत्रण में रहेंगी। संदर्भ - प्रभात, 25 जनवरी 2020 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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