कृषि वार्ताकृषि जागरण
परंपरागत कृषि विकास योजना' से करें जैविक खेती
परंपरागत कृषि विकास योजना' (पीकेवीवाई) का उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता, संसाधन संरक्षण सुनिश्चित करने और रसायनों का प्रयोग किए बिना जैविक खेती को बढ़ावा देना है। इस योजना के उद्देश्यों में गुणवत्ता और नए साधनों के माध्यम से किसानों को सशक्त करना है। पीकेवीवाई के संशोधित दिशानिर्देश आप आधिकारिक वेबसाइट www.agricoop.nic.in पर जाकर देख सकते हैं। पीकेवीवाई के दिशानिर्देश पीकेवीवाई के अंतर्गत जैविक खेती को पहाड़ी, जनजातीय और उन वर्षा सिंचित क्षेत्रों जहां रसायन उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग कम होता है तक पहुंचाया जाएगा। 1000 क्षेत्रफल तक के बड़े खंडों में समूह पद्धति अपनाई जाएगी।
ग्राम पंचायत आधारित किसान उत्पादक संगठनों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा या पहले से मौजूद एफपीओ को बढ़ावा दिया जाएगा। विभिन्न फसल प्रणाली के परंपरागत कृषि विकास योजना को बढ़ावा दें। जैविक खेती और अधिक जैव-रसायनों, जैव-कीटनाशकों और जैव-उर्वरकों का प्रयोग करें। स्रोत – कृषि जागरण, 29 मार्च 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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