कृषि वार्ताकृषि जागरण
केरल के पान को मिला जीआई टैग
केरल के पान को जीआई टैग प्रदान किया गया है। इसके साथ ही तमिलनाडु राज्य के पालनी शहर के पलानी पंचामिर्थम, उत्तर पूर्वी राज्य मिजोरम के तल्लोहपुआन और मिजोपुआनचेई को जीआई टैग प्रदान करके उन्हें पंजीकृत कर लिया गया है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के अनुसार उसने हाल ही में चार तरह के नए भौगोलिक संकेतकों को पंजीकृत किया है। दरअसल जीआई टैग की पहचान उन उत्पादों को दी जाती है जो कि किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में ही पाए जाते है और उनमें वहां की स्थानीय खूबियां मौजूद होती हैं।जीआई टैग के लग जाने के बाद उस उत्पाद की विशेष पहचान बन जाती है। जीआई टैग के किसी भी उत्पाद को खरीदने के समय ग्राहक उसकी विशिष्टता एवं गुणवत्ता को लेकर काफी ज्यादा आश्वस्त रहते है। जीआई टैग वाले उत्पादों से दूरदराज के क्षेत्रों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था लाभान्वित होती है। क्योंकि इससे कारीगरों, किसानों, शिल्पकारों और बुनकरों की आमदनी में बेहतर इजाफा होता है। स्रोत – कृषि जागरण, 22 अगस्त 2019
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