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बछड़े/बछिया का पोषण
किसी भी डेरी फार्म की सफलता उसके बछड़ों/बछियों के उचित पोषण प्रबंधन पर निर्भर करती है। बछड़ों/बछियों के प्रारंभिक जीवन में बेहतर पोषण उनके तेजी से विकास और जल्दी परिपक्वता के लिए अच्छा होता है। उनके यौवन के समय परिपक्व शरीर के वजन का 70-75 प्रतिशत पाने के लिए उन्हें सावधानी से पाला जाना चाहिए। छोटे बछियों को शुरुआत में उपयुक्त पोषण न मिलने पर पहले ब्यांत में देरी होती है और उनकी दूध उत्पादकता में कमी हो जाती है। बछड़ों/बछियों के खान पान से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदु: 1. बछड़े/बछियों के जन्म के आधे घंटे के अंदर कोलोस्ट्रम (खीस) खिला देना चाहिए। 2. बछड़ों/बछियों को 2 महिने तक उनके वजन के 10% दूध पिलाना चाहिए। 3. जन्म के दूसरे हफ्ते से ही बछड़ों/बछियों को अच्छी गुणवत्तापूर्ण आहार देना चाहिए। 4. हर महीने विभिन्न प्रकार की कृमिनाशक दवाई देनी चाहिए। 5. बछड़ों/बछियों को दूध/दुग्ध प्रतिस्थापक (पर्यायी) पिलाना चाहिए। 6. अगर अलग से दूध पिलाते हों तो उनके साथ एंटीबायोटिक पाउडर मिक्स करें। 7. बछड़ों/बछियों को अच्छी गुणवत्ता वाली सूखी घास भी देनी चाहिए। 8. उनका टीकाकरण समय पर करवाना चाहिए। Source: NDDB
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