कृषि वार्ताकृषि जागरण
मार्च से बनेगी सस्ती नैनो यूरिया, किसानों की होगी बचत
नई दिल्ली। इफको (इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड) मार्च 2020 से नई नैनो प्रौद्योगिकी आधारित नाइट्रोजन उर्वरक का उत्पादन शुरू कर देगा। जिससे एक बोरी यूरिया की जगह एक बोतल नैनो उत्पाद से काम चल जाएगा। इससे किसानों की काफी बचत होगी एक बोतल नैनो यूरिया का मूल्य लगभग 240 रुपए होगा। इसका मूल्य यूरिया के एक बैग की तुलना में दस प्रतिशत कम होगा। कम्पनी के प्रबंध निदेशक उदय शंकर अवस्थी ने बताया कि गुजरात के अहमदाबाद स्थित कलोल कारखाने में नाइट्रोजन आधारित उर्वरक का उत्पादन किया जाएगा। यह पूरी तरह से मेक इन इंडिया के तहत होगा। कम्पनी की योजना सालाना ढाई करोड़ बोतल उत्पादन की है। अवस्थी ने बताया कि 500 मिलीलीटर की बोतल नैनो यूरिया 45 किलो यूरिया के बराबर होगा। इस नए उत्पाद से यूरिया के प्रयोग से देश में 50 प्रतिशत तक
खपत कम होगी। देश में वर्तमान में तीन करोड़ टन यूरिया की खपत है और किसान इसका अधिक इस्तेमाल करते हैं। अभी प्रति एकड़ 100 किलोग्राम यूरिया की जरुरत होती है। प्रति एकड़ एक बोतल नैनो उर्वरक या एक बैग यूरिया की जरुरत होगी। इफको, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की सहायता से देश में 11000 स्थानों पर प्रयोग कर रही है। स्रोत – कृषि जागरण, 4 दिसंबर 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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