सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
अनार की खेती कर अधिक लाभ कमाएं!
• अनार की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार मांग अधिक है। जिससे किसान भाई इसकी खेती कर अधिक लाभ कमा सकते हैं। _x000D_ • अनार की प्रत्यारोपण का उचित समय फरवरी-मार्च और जुलाई-अगस्त है। _x000D_ • अनार की रोपाई करने लिए एक माह पूर्व गड्डे तैयार किये जाते हैं। _x000D_ • गड्डे तैयार करने का उचित समय अप्रैल - मई माह है। _x000D_ • गड्डे तैयार का उचित आकर 75*75*75 सेंटीमीटर लम्बाई * चौड़ाई * गहराई होना चाहिए। _x000D_ • गड्डे तैयार होने बाद एक से डेढ़ माह खुला छोड़ दे, जिससे जमीन में उपस्थित फफूंद और कीट नष्ट हो जायेंगे। _x000D_ • जून के प्रथम सप्ताह में गड्डों को भरते है इनको भरते समय मिट्टी का उपचार करते हैं। कार्बेन्डाजिम 1 ग्राम को 1 लीटर पानी में घोलकर प्रति गड्डा 4 से 5 लीटर से गड्डे को भरें। _x000D_ • क्लोरोपायरीफॉस 50 ग्राम 15 किलोग्राम सड़ी हुई गोबर खाद, 2 किलोग्राम केंचुआ खाद 1 किलोग्राम नीम की खली को अच्छी तरह मिलाकर प्रति गड्डे के हिसाब से दें।_x000D_ • ट्राइकोडर्मा 25 ग्राम, पी एस बी कल्चर 25 ग्राम, एजेक्टोबेक्टर 25 ग्राम और साथ में 15 ग्राम स्यूडोमोनास सभी को खाद और मिट्टी के साथ मिलाकर गड्डों में डालें। _x000D_ • अनार के पौधों का अंतराल पौधे से पौधे की दूरी 3 मीटर और पंक्ति से पंक्ति की दूरी 4 मीटर रखते हैं। _x000D_ • हमें बाजार की मांग के अनुसार किस्मों का चयन करना चाहिए जैसे- भगवा। जिनकी बाजार मांग अधिक है। _x000D_ • अनार के लिए ड्रिप सिंचाई उपयुक्त होती है। इसके द्वारा उर्वरक आसानी से दिए जा सकते हैं। _x000D_ • शुरुआत के मिश्रित फसल लगा सकते हैं। _x000D_ • रोग एवं कीटों का उचित प्रबंध करें। पौधों में बोर्डों मिक्चर जरूर लगाएं। _x000D_ • प्रति एकड़ में 300 पौधे हैं, जिसमे प्रति पौधा से 25 किलोग्राम तक उपज मिलती है। _x000D_ _x000D_ स्रोत - एग्रोस्टार एग्रोनॉमी एक्सीलेंस सेंटर_x000D_ यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे तो लाइक करें और अपने सभी किसान मित्रों के साथ जरूर शेयर करें।_x000D_ _x000D_
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