सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
पपीते के फलों की तुड़ाई और भंडारण
• पपीते के पौधे को लगाने के 10-12 महीने बाद ही इसमें फल तोड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। _x000D_ • फलों के पकने के समय पर पीले रंग के धब्बे आने लगते हैं। _x000D_ • फलों से निकलने वाला गोंद पानी की तरह पतला हो जाता है जिससे माना जाता है कि फल तोड़ने के लिए तैयार हैं।_x000D_ • फल के तने के पास का भाग पीला दिखाई देने लगता है।_x000D_ • एक दरांती या तेज चाकू से फल को काटें और फल को चोट लगने से बचाएं। स्थानीय बाजार में पूरी तरह से पके फलों को ले जाएं।_x000D_ • कटाई के बाद उनके आकार के अनुसार उनकी ग्रेडिंग करें।
• टोकरी में फलों को रखने से पहले टोकरी की निचली सतह को कागज से भरें फिर पपीते को रखें और इसे अच्छी तरह से पैक कर बिक्री के लिए बाजार में भेज दें। • पहले तीन सालों में पपीते के फलों की मात्रा बहुत अधिक रहती है। इसके बाद पेड़ों को हटा दें। फलों का भंडारण - पपीते के फलों के भंडारण के लिए 20 डिग्री सेल्सियस का तापमान सबसे अच्छा रहता है। इस तापमान पर फलों का पकना भी अच्छा है। उच्च तापमान पर पपीता फंगल रोग से प्रभावित होता है। संदर्भ - एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
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