AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
09 Jan 20, 03:00 PM
कीट जीवन चक्रएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
मिलीबग का जीवन चक्र
आर्थिक महत्व:- मिलीबग पौधों को कोमल फली, टहनी और फसलों के विभिन्न भागों से रस चूसकर प्रकोपित करती हैं। इसके अतिरिक्त, कई अन्य कीटों की तरह, हनीवुड उत्सर्जित होता है जो काली कालिखदार फफूंद को जन्म देता है। मिलीबग का प्रभाव सबसे अधिक प्रभावित फसलें: कपास, गन्ना, अमरूद, आम, अनार आदि हैं। जीवन चक्र अंडा:- मादा मिलीबग कीट पौधों के तने या पत्तियों के अक्षों से जुड़ी शिराओं में 100 से 200 अंडे देती हैं। अंडे देने के बाद मादा मर जाती है। शिशु:- गुलाबी रंग के अंडे होते है। अंडों से 7 से 10 दिनों में छोटे पीले शिशु बाहर आते हैं। यह कोमल पत्तियों, टहनियों, एवं कलियों का रस चूसकर नुकसान पहुँचती हैं। प्रौढ़:- मिलीबग शरीर के ऊपर एक सफेद चूर्ण पदार्थ होता है और उनके शरीर के पिछले भाग से निकलने वाले सफेद, मोमी तंतु होते हैं। यह चपटे, अंडाकार या गोलाकार होते हैं एवं कुछ मोम जैसा पदार्थ स्रावित करते हैं। मिलीबग का पूरा जीवन चक्र छह सप्ताह से दो महीने तक का होता है। नियंत्रण:- बुप्रोफेजिन 25% एससी@ 1 लीटर दवाई 1000 लीटर पानी, मोनोक्रोटोफ़ॉस 36% एसएल @ 1500 मिली दवाई 1000 लीटर पानी, एवं वर्टिसिलियम लेकानी 1.15% डब्ल्यूपी @ 2.5 किलोग्राम 500 लीटर पानी के साथ घोलकर छिड़काव करें। नोट :- विभिन्न फसलों के अनुसार दवाइयों की मात्रा अलग अलग रहती है। स्रोत: एग्रोस्टार एग्रोनॉमी सेंटर एक्सीलेंस यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें। https://www.youtube.com/watch?v=gXPkIA0TGbM
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