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मूंगफली में सफेद सूंडी का प्रबंधन
सफेद सूंडी मिट्टी का एक कीट है, जो मूंगफली को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इल्ली की प्रारंभिक अवस्था में यह कम नुकसान पहुंचाता है लेकिन बाद में यह फसल की जड़ों को क्षति पहुंचाते हैं। इसे दूर करने के लिए निम्न प्रबंधन करना चाहिए।
प्रबंधन: • खेतों के आसपास मौजूद पेड़ों की नियमित छंटाई करें। • पहली भारी बारिश के बाद, बबुल, बेर, सहजन और नीम के पत्तों पर होने वाले वयस्क भृंगों को हटाएं। इसके लिए शाखाओं को हिलाएं और इसे नष्ट करें। • खेतों के आसपास मौजूद इन पेड़ों पर 10 लीटर पानी में क्विनालफॉस 25 ईसी @20 मिली पानी का छिड़काव करें। • गर्मी में जुताई से उनकी जनसंख्या को कम किया जा सकता है। • प्रकाश जाल स्थापित करें और भृंग को नष्ट करें, जो प्रकाश जाल से आकर्षित होते हैं। • बुवाई से पहले क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी @ 25 मिली या थायमेथोक्साम 30 एफएस @ 10 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करें। 3 घंटे छांव में सूखाने के बाद बुवाई के लिए इन उपचारित बीज का उपयोग करें। • बुवाई से पहले मिट्टी में अरंडी का केक (300 किग्रा/हेक्टेयर) के साथ बुवेरिया बेसियाना या मेटाहेरिजियम एनिसोप्लाए, कवकनाशी पाउडर (5 किग्रा/हे) की दर से दें। साथ ही 30 दिनों के बाद यही पाऊडर (40 ग्राम/10 लीटर पानी) ड्रेंचिंग करें। • खड़ी फसल में, ड्रिप सिंचाई के माध्यम से क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी 4 लीटर/हेक्टेयर या मिट्टी में फोरेट 10 ग्राम @ 10 किलो/हेक्टेयर की दर से दें। डॉ. टी.एम. भरपोडा, एंटोमोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर, बी ए कालेज ऑफ एग्रीकल्चर, आनंद कृषि विश्वविद्यालय, आनंद- 388 110 (गुजरात भारत) यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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