AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
05 Sep 19, 10:00 AM
गुरु ज्ञानएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
लोबिया, मूंग और उड़द में चित्तीदार फली छेदक इल्ली का प्रबंधन
लोबिया, मूंग और उड़द के खेतों में प्रजनन अवस्था में (फूल आने की अवस्था एवं फल बनने की अवस्था) इसका प्रभाव होता है। आम तौर पर, इन फसलों में चित्तीदार फली छेदक इल्ली का संक्रमण दिखाई देता है। फली में छेद करके सूंडी (इल्ली) प्रवेश करती है। यदि इसका समय रहते नियंत्रण न किया जाये तो ये काफी नुकसान पहुंचाती है। सूंडी का रंग हरा होता है और शरीर पर काले बाल होते हैं। पूर्ण विकसित सूंडी के शरीर पर काले धब्बों की 6 पंक्तियों के साथ पारभासी और चमकदार होती है और इसलिए इसे ‘चित्तीदार फली छेदक इल्ली’ के रूप में जाना जाता है। सूंडी (इल्ली) फूल, कलियों और फली में दिखाई देती है और अंदर से बीज को खाती है। उनके प्रवेश छिद्र को लार्वा द्वारा उत्सर्जित मल से बंद कर दिया जाता है। उच्च आर्द्र मौसम में इनका नुकसान अधिक देखा जाता है। एकीकृत कीट प्रबंधन: ऐसा देखा गया है कि चित्तीदार फली छेदक इल्ली पर परजीवीकरण करने वाले ब्रोंकिड परिवार के दो परजीवी स्वाभाविक रूप से इस कीट की आबादी को कम करते हैं। प्रकोप के समय, नीम के बीज की गिरी के पाउडर को 500 ग्राम (5%) या नीम के तेल को @50 मिली या नीम आधारित योगों को 10 मिली (1% ईसी) से 40 मिली (0.15% ईसी) या बुवेरिया बेसियाना, एक कवक बेस पाउडर 40 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें। अधिक संक्रमण होने पर, क्विनालफॉस 25 ईसी @20 मिली या ट्राईजोफोस 40% + साइपरमेथ्रिन 4% @10 मिली या मोनोक्रोटोफॉस 36 एसएल @10 मिली या थायोडाइकार्ब 75 डब्ल्यूपी @10 ग्राम क्लोरैंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी @3 मिली प्रति 10 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें। इमामैक्टिन बेंजोएट 5 डब्ल्यूजी @5 ग्राम या फ्लूबेंडामाइड 480 एससी @2 मिली या क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी @3 मिली प्रति 10 लीटर पानी में विशेष रूप से उड़द और लोबिया में चित्तीदार फली छेदक इल्ली के नियंत्रण के लिए उपयोग करें। यदि धब्बेदार फली छेदक इल्ली लोबिया में देखा जाता है, तो इंडोक्साकार्ब 14.5 एससी @3.5 मिली या स्पिनोसैड 45 एससी @1.6 मिली या इमामेक्टिन बेंजोएट 5 एसजी @3 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में 50% फूल आने के दौरान पौधों में छिड़काव करें और 7 दिन के बाद दूसरा छिड़काव करें। जब यह कीट मूंग में देखा जाता है, तो क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी @3 मिली या फ्लूबेंडायमाइड 480 एससी @2 मिली प्रति 10 लीटर पानी में 50% पौधों पर फूल आने के समय छिड़काव करें।
डॉ. टी.एम. भरपोडा, एंटोमोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर, बी ए कालेज ऑफ एग्रीकल्चर, आनंद कृषि विश्वविद्यालय, आनंद- 388 110 (गुजरात भारत) यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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