गुरु ज्ञानएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
सोयाबीन की फसल में पत्ती खाने वाली सुंडी (ईल्ली) का प्रबंधन
सोयाबीन एक महत्वपूर्ण खाद्य स्रोत है और इसे दलहन और तिलहन दोनों फसलों के रूप में जाना जाता है। हालांकि, दलहन की तुलना में यह बड़े पैमाने पर तिलहनी फसल के रूप में उपयोग किया जाता है। सोयाबीन प्रोटीन का एक बड़ा स्रोत है। इसके मुख्य घटक प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट हैं। सोयाबीन में 38 से 40% प्रोटीन, 22% तेल, 21% कार्बोहाइड्रेट और 12% नमी होती है। भारत में, मध्य प्रदेश सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य है। सोयाबीन अनुसंधान केंद्र मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित है। सोयाबीन की फसल में पत्ती खाने वाला कैटरपिलर फसल को काफी नुकसान पहुंचाता है। आइए इसके प्रबंधन के बारे में जानें। प्रबंधन : • खेत के चारों ओर अरंडी के पौधों को लगाएं। पत्ती खाने वाले सुंडी (ईल्ली) के वयस्क अपने अंडे देने के लिए अरंडी की पत्तियों को पसंद करते हैं। • अंडे दिए हुए अरंडी के पत्तों को इकट्ठा करें और नष्ट कर दें। • पौधों की पत्तियों पर शाम के समय NPV @250 मिलीलीटर 500 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें। • जीवाणु आधारित पाउडर, बेसिलस थुरिंजेंसिस @15 ग्राम या बुवेरिया बेसियाना, फफूंद आधारित पाउडर @ 40 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें। • नीम के बीज की गिरी का अर्क @5% या नीम आधारीत घोल @10 ml (1% EC) से 40 ml (0.15% EC) प्रति 10 लीटर पानी में डालें। • अधिक संक्रमण होने पर क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी @3 मिली या प्रोफेनोफॉस 50 ईसी @10 मिली या क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी @20 मिली या इंडोक्साकार्ब 15.8 ईसी @10 मिली प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
डॉ. टी.एम. भरपोडा, एंटोमोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर, बी ए कालेज ऑफ एग्रीकल्चर, आनंद कृषि विश्वविद्यालय, आनंद- 388 110 (गुजरात भारत) यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
274
1
संबंधित लेख