कृषि वार्ताअमर उजाला
आम के बौर का संरक्षण कर पाएं अधिक उत्पादन
तापमान बढ़ने से आम के पेड़ों पर बौर आ गए हैं। ऐसे में बीमारी और कीट भी हमलावर हो गए हैं। किसान समय पर आम की बौर को रोगमुक्त करें तो अच्छी पैदावार पा सकते हैं।
पाउडरी रोग से बचाव के उपाय मौसम में अधिक आर्द्रता से आम के बौर के पाउडरी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें पुरानी पत्तियों में सफेद जाला नुमा रोग बौर में लग जाता है। इससे बौर की वृद्धि रुक जाती है। पेड़ पर पाउडरी रोग दिखाई दे तो घुलनशील गंधक दो ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। डाईनोकैप एक मिली प्रति लीटर पानी घोलकर प्रथम छिड़काव बौर आने के तुरंत बाद दूसरा छिड़काव 10 से 15 दिन बाद तथा तीसरा छिड़काव उसके 10 से 15 दिन बाद कर देना चाहिए। स्रोत – अमर उजाला यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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