कृषि वार्ताराजस्थान पत्रिका
उर्वरक कंपनियों के लिए 10% जैविक खाद का उत्पादन होगा जरूरी
नई दिल्ली। उर्वरक कंपनियों के लिए रासायनिक खाद के साथ कम से कम 10 फीसदी जैविक खाद के उत्पादन को अनिवार्य किया जा सकता है। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग जल्द ही सरकार से इसकी सिफारिश कर सकता है कि कृभको और इफको जैसी कंपनियां अपने वार्षिक उत्पादन में 10 प्रतिशत गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद का निर्माण करें। आयोग का तर्क है कि जैसे ही जैविक खाद बनेगी, इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा और बाहर से आयात होने वाले रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी। इससे विदेशी मुद्रा भी बचेगी। साथ ही गोबर और गोमूत्र का उचित उपयोग भी हो सकेगा।
राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के मुताबिक इस तरह से अर्थव्यवस्था पर एक अच्छा और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। डेयरी फार्म दुग्ध उत्पादों के साथ ही गोबर और गोमूत्र की बिक्री से भी आय कर सकेंगे। केंद्र में नई सरकार बनने पर इस प्रस्ताव को रसायन-उर्वरक मंत्रालय के जरिए लाया जा सकता है। आयोग का मानना है कि इस कदम से खेती की लागत में कमी लाई जा सकती है साथ ही जैविक खेती को भी बल मिल सकता है। स्रोत – राजस्थान पत्रिका, 11 मई 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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