AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
10 Oct 19, 10:00 AM
गुरु ज्ञानएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
गोभी में हीरक पृष्ठ कीट का एकीकृत कीट प्रबंधन
किसान आम तौर पर साल भर गोभी की फसल उगाते हैं। भारत में, 6.87 मिलियन टन के उत्पादन के साथ 0.31 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में गोभी के फसलों की खेती की जा रही है। पश्चिम बंगाल गोभी की खेती और उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। डायमंड बैक मॉथ (डीबीएम) (हीरक पृष्ठ कीट) गोभी का प्रमुख कीट है। यह कीट पहली बार साल 1914 में हरियाणा में देखा गया था और फिर धीरे-धीरे सभी राज्यों में फैल गया। यह हीरे की आकृति जैसा दिखता है और इसलिए इसे हीरक पृष्ठ कीट के रूप में जाना जाता है। पीली हरी इल्ली शुरू में पत्तियों के क्लोरोफिल को खाती हैं और बाद में पत्ती पर छेद बनाते हैं। अधिक संक्रमण होने पर पूरे पौधे की नसें रह जाती हैं। डायमंड बैक मॉथ के अलावा माहु, पत्ती खाने वाली इल्ली और गोभी शीर्ष बेधक भी इस फसल को नुकसान पहुंचाते हैं।
प्रबंधन: 1. टमाटर को अंतर फसल के रूप में लगाएं। 2. जाल फसल के रूप में सरसों की फसल को लगाएं। 3. 10 फेरोमोन ट्रैप @ प्रति हेक्टेयर लगाएं। 4. इस कीट का संक्रमण दिखे तो, इसके नियंत्रण में निमार्क (5%) @500 मिली प्रति एकड़ या बेसिलस थुरंजेन्सिस पाउडर @10 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। 5. किसी भी डिटर्जेंट पाउडर @10 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में कीटनाशक या वनस्पति, कीटनाशक घोल डालें, इससे प्रभाविकता बढ़ती है। 6. यह कीट बहुत जल्दी कीटनाशकों के प्रति सहनशीलता विकसित कर लेता है और इसलिए, प्रत्येक छिड़काव पर कीटनाशकों को बदल कर दें। 7. कटाई के बाद खेत में लगे गोभी के फूल को इकट्ठा करके नष्ट कर दें। 8. कॉटेशिया प्लूटेला एक परजीवी है और हीरक पृष्ठ कीट 60% परजीवी है। यदि इस परजीवी की आबादी अधिक है, तो कीटनाशक के छिड़काव से बचें या देरी से करें। 9. अधिक संक्रमण होने पर क्लोरपायरीफॉस 20% ईसी @20 मिली या साइपरमेथ्रिन 10% ईसी @10 मिली या फेनवलरेट 20% ईसी @5 मिली या क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5% एससी @3 मिली या क्लोरफेनेपायर 10% ईसी @10 मिली या डायफेनथ्यूरॉन 50% डब्ल्यूपी @10 ग्राम या इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी @3 ग्राम या फिप्रोनिल 5% एससी @10 मिली या फ्लुबेंडियामाइड 20% डब्ल्यूजी @2ग्राम प्रति 10 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें। डॉ. टी.एम. भरपोडा, एंटोमोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर, बी ए कालेज ऑफ एग्रीकल्चर, आनंद कृषि विश्वविद्यालय, आनंद- 388 110 (गुजरात भारत) यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
111
6