सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
प्याज की फसल में कीटों का एकीकृत प्रबंधन
1. मौसम के अनुसार, प्याज की रोपाई एक सप्ताह में पूरी कर देनी चाहिए। 2. प्याज की फसल की रोपाई में दो सत्रों के बीच का अंतर ज्यादा रखें इससे कीटों का संक्रमण कम होता है। 3. प्रमाणित बीज का प्रयोग करें। साथ ही, बीज प्रक्रिया (सीड ट्रीटमेंट) अवश्य करनी चाहिए। 4. फसल चक्र का पालन करें।
5. प्याज की खेती ऐसी जगह पर करनी चाहिए जहां पानी का निस्तारण अच्छी तरह से हो। 6. प्याज के पौधों को हमेशा मेढ़ पर लगाया जाना चाहिए। 7. कीटनाशक का छिड़काव करते समय पानी में स्टीकर का उपयोग करें। 8. कीटों और फसल पर रोग के नियंत्रण के लिए पूरक रसायनों का छिड़काव करना चाहिए। 9. एक कीटनाशक का लगातार उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। फसल में कीट प्रतिरोध की वृद्धि के लिए, विभिन्न कीटनाशकों का उपयोग वैकल्पिक रूप से किया जाना चाहिए। 10. बीज उत्पादन के लिए रोपे गए प्याज में फूल आने के बाद कवकनाशक या कीटनाशक का प्रयोग न करें। संदर्भ - एग्रोस्टार एग्रोनॉमी सेंटर एक्सिलेंस, 24 जनवरी,2019
821
0
संबंधित लेख