गुरु ज्ञानएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
भिंडी में शीर्ष एवं फल बेधक कीट का एकीकृत कीट प्रबंधन!
o आम तौर पर धब्बेदार सुंडी और हेलिकोवर्पा सुंडी का प्रकोप गर्मियों में बोई जाने वाली फसल की तुलना में खरीफ की बोई जाने वाली फसल में ज्यादा होता है। o दोनों ही कीट भिंडी की फसल के लिए हानिकारक हैं। o फल छेदक कीट का प्रकोप होने पर रासायनिक कीटनाशकों का छिड़काव करने के बजाय, नीम के बीज की गिरी के पाउडर को 500 ग्राम यानी 5% या नीम के तेल @ 50 मिली या नीम के आधारित यौगिकों को 20 मिली (1% ईसी) से 40 मिली या बुवेरिया बेसियान कवक बेस पाउडर @ 40 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें। o छिड़काव हमेशा शाम के समय किया जाना चाहिए और पौधों को 10 दिनों के अंतराल पर ठीक से किया जाना चाहिए। o धब्बेदार सुंडी और हेलिकोवर्पा के प्रौढ़ की संख्या को कम करने के लिए फेरोमोन ट्रैप @ 40 प्रति हेक्टेयर स्थापित करें। o अंदर मौजूद सुंडी को ख़त्म करने के लिए संक्रमित शीर्ष को इकट्ठा कर नष्ट करें। o भिंडी की फसल में नियमित रूप से निरिकक्षण करें। o भिंडी की खेती जैविक खेती के तहत की जाती है तो, बेसिलस थुरिंगिनेसिस, एक जीवाणु बेस पाउडर @ 20 ग्राम या बुवेरिया बेसियाना, एक फंगस बेस पाउडर 40 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में शाम के समय अच्छी तरह से छिड़काव करें। o हेलिकोवर्पा के लिए एनपीवी (न्यूक्लियर पॉलीहेड्रोसिस वायरस) उपलब्ध है, इसे शाम के समय प्रति हेक्टेयर 500 ग्राम को 250 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें। o इन जैव कीटनाशकों के छिड़काव के बाद भी, यदि संक्रमण की प्रवृत्ति बढ़ती है, तो फेनवेलरेट 20 ईसी @ 10 मिली या क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी @ 3 मिली या इमामेक्टिन बेंजोएट 5 डब्लूजी 5 ग्राम या डेल्टामेथ्रिन 1% + ट्राईजोफॉस 35% ईसी @ 10 मिली प्रति 10 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
स्रोत:- एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रिय किसान भाइयों दी गई जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें और अपने अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें धन्यवाद!
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