कृषि वार्ताएग्रोवन
अंगूर का निर्यात धीमा पड़ा
नासिक। रूस भारतीय अंगूर का सबसे बड़ा आयातक है। पिछले साल अंगूर के निर्यात में 18.19 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल निर्यात का 15 प्रतिशत रूस में हुआ। लेकिन इस साल रूसी वनस्पति संगरोध विभाग (प्लांट क्वारैटाइन स्टेशन) ने अंगूर निर्यातकों को कोई पूर्व सूचना दिए बिना तकनीकी कारणों से काम धीरे कर कर दिया है। महाराष्ट्र राज्य अंगूर बाउंटी संघ के कोषाध्यक्ष कैसास भोसले का कहना है कि रूस में अंगूर की भारी मांग है। लेकिन कस्टम विभाग द्वारा कीट मुक्त क्षेत्र (पेस्ट फ्री एरिया) प्रमाण पत्र की मांग की जा रही है। इस पर अंगूर बागवानी संघ ने ध्यान दिया है। अगर ऐसा हुआ तो अंगूर का निर्यात पहले की तरह सुचारु हो जाएगा।
रूसी सीमा शुल्क विभाग कीट मुक्त क्षेत्र प्रमाणपत्र की मांग कर रहा है। इसमें भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अपेडा और कृषि विभाग को ध्यान देने की आवश्यकता है। भारतीय वाणिज्य मंत्रालय को रूसी सरकार के साथ बातचीत करने और समझौता करने की आवश्यकता है। संदर्भ - अग्रोवन, 22 फरवरी 2019
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