कृषि वार्ताएग्रोवन
देश में पहली 'कंप्रेस्ड बायोगैस' परियोजना शुरू
पुणे। केंद्र सरकार ने देश में पांच हजार 'कॉम्पेक्टेड बायोगैस' (सीबीजी) परियोजनाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। दो लाख करोड़ रुपये के निवेश से इस परियोजना की स्थापना की जाएगी। हाल ही में देश की पहली 'सीबीजी डेमो' परियोजना पुणे में शुरू की गई। इस दौरान जाने-माने वैज्ञानिक और केंद्र के 'हाइड्रोकार्बन' सलाहकार डॉ अनिल काकोडकर उपस्थित थे। डॉ काकोडकर ने कहा, '' देश की जैव ऊर्जा उत्पादन को दूसरी पीढ़ी की तकनीक से बढ़ावा मिला है। इसमें प्रजा कंपनी का बहुमूल्य योगदान है। प्रजापत्रा की परियोजना में उच्च गुणवत्ता वाली इंजीनियरिंग कौशल का इस्तेमाल किया गया है। बॉयोइथेनॉल और कम्प्रेस्ड बॉयोगैस को मिलाकर नया ईंधन तैयार किया जा रहा है जो अच्छा विचार है। इससे बहुत सारे जैविक कचरे का निस्तारण किया जा सकता है। साथ ही यह हाइड्रोकार्बन के आयात को कम करेगा।“
इस परियोजना का निर्माण पुणे के पास श्रीनाथ म्हसोबा शुगर फैक्ट्री के परिसर में किया जा रहा है। सरकार द्वारा कम्पोज्ड बायोगैस परियोजना की शुरूआत मौजूदा सीएनजी को एक वैकल्पिक ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए की जा रही है। साथ ही साथ प्रजा कंपनी के इस परियोजना में बायोगैस, खेत कीटनाशकों, पेपर मिल कचरे से सीबीजी की तैयारी के लिए परीक्षण किए गए हैं। संदर्भ - एग्रोवन, 11 जनवरी 2019
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