कृषि वार्ताद इकोनॉमिक टाइम्स
कोरोना की वजह से विदेश में बढ़ी भारतीय हल्‍दी की मांग
यूरोप और पश्चिमी एशियाई देशों में भारत से हल्‍दी के निर्यात में जोरदार उछाल आया है। कोरोना वायरस के चलते भारतीय हल्दी के औषधीय गुणों पर लोगों का ध्‍यान गया है। हल्‍दी का अमूमन गरम दूध के साथ सेवन किया जाता है। माना जाता है कि इससे रेस्पिरेटरी सिस्‍टम यानी श्‍वसन तंत्र स्‍वस्‍थ रहता है। केबी एक्‍सपोर्ट के सीईओ कौशल खाखर ने कहा कि फलों और सब्जियों की कुल मांग में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन, कच्‍ची हल्‍दी की मांग में 300 फीसदी का उछाल आया है। कौशल ने बताया कि ब्रिटेन और जर्मनी में हल्‍दी की मांग तेजी से बढ़ी है। मुंबई से सब्जियों और फलों का निर्यात करने वाले राजीव गुप्‍ता ने भी बताया कि नवंबर से जनवरी के बीच हल्‍दी की कटाई होती है। इस दौरान मैं रोजाना 3-4 टन हल्‍दी का निर्याता करता हूं। फरवरी में गरमी की शुरुआत होने से अमूमन मांग घटने लगती है। हालांकि, पिछले 10 दिनों से हल्‍दी की मांग में अचानक तेजी आई है। फरवरी के अंत से रोजाना गुप्‍ता करीब 300 किलो हल्‍दी निर्यात कर रहे थे। वहीं, मार्च से मांग उछलकर रोजाना 3 टन हो गई। स्रोत – इकोनॉमिक टाईम्स, 17 मार्च 2020 इस उपयोगी जानकारी को लाइक करें और शेयर करें।
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