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पशुओं में मुख्य और लघु खनिज तत्त्व का महत्त्व
दुधारु पशुओं के विकास एवं प्रजनन के लिए आहार में बहुत सारे खनिज तत्वों की जरूरत होती है। जिन खनिज तत्त्वों की अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है, उन्हें मुख्य खनिज तत्त्व और जिनकी आवश्यकता कम होती है, उन्हें लघु खनिज तत्व कहा जाता है। मुख्य खनिज तत्वों में कैल्शियम, फोस्फोरस, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सोडियम, क्लोरीन और सल्फर हैं और लघु खनिज तत्वों में लोहा, जस्ता, मैगनीज, तांबा, आयोडीन, कोबाल्ट तथा सेलेनियम शामिल हैं। खनिज तत्वों का कार्य कैल्शियम • दुध उत्पादन के लिए आवश्यक। • हड्डियों और दांतों के निर्माण के लिए अनिवार्य। • मांसपेशियों के लचीलेपन के लिए आवश्यक। फॉस्फोरस • ऊर्जा का शरीर में प्रयोग होने में आवश्यक। मैग्नीशियम • कार्बोहाइड्रेट एवं अवशोषण प्रक्रिया और प्रोटीन के निर्माण के लिए आवश्यक । तांबा • हीमोग्लोबिन निर्माण के लिए आवश्यक। • ऊतकों को रंग प्रदान करने में सहायक तथा अनेक धातु एन्जाइमों के संघटन के लिए आवश्यक है। • प्रजनन कार्यों के लिये आवश्यक। जिंक • शुक्राणु निर्माण तथा प्राथमिक एवं अन्य यौन अंगों के विकास के लिये आवश्यक। • त्वचा की कोशिकाओं की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक। मैगनीज • शरीर में कार्बोहाइड्रेट के प्रयोग में आवश्यक। • फैटी एसिड के निर्माण के लिये आवश्यक। आयोडीन • थायराइड हारमोन के निर्माण के लिए आवश्यक। • पशुओं के प्रजनन तथा विकास के लिए आवश्यक। कोबाल्ट • रुमेन के जीवाणुओं द्वारा विटामिन बी12 के निर्माण के लिए आवश्यक। • हीमोग्लोबिन निर्माण के लिए आवश्यक। Source: एनडीडीबी
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