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जानवरों के लिए हरे चारे का महत्व
• सूखे चारे की तुलना में हरे चारे में पानी की मात्रा अधिक होती है। यह चारा स्वादिष्ट होता है इसलिए पशु इसे चाव से खाते हैं इस कारण चारा बर्बाद नहीं होता है। • पशुओं को इस चारे से आसानी से ग्लूकोज की मात्रा मिल जाती है, जिससे चारे के पचने में आसानी होती है। • हरा चारा खनिज और प्रोटीन से भरपूर होता है। • स्वादिष्ट और रसदार होने के कारण हरा चारा पौष्टिक होता है। यह चारा पशुओं की भूख बढ़ाने में भी मदद करता है।
• रोज हरे चारे देने से पशुओं का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। • इससे पशुओं को प्राकृतिक रूप में पोषक तत्व मिलते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद है। • यह पशुओं के शरीर में विटामिन ए कैरोटीन की आपूर्ति करता है और रतौंधी को रोकने में मदद करता है। त्वचा भी अच्छी रहती है। • हरे चारे में अधिक घुलनशील कारक होते हैं जिससे पशु को इसे पचाने में अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती है। • इसमें आर्जेनाइन, ग्लूटैमिक जैसे अमीनो एसिड की भरपूर मात्रा होती है। • गर्भावस्था में यदि पशुओं को हरा चारा खाने को नहीं दिया तो उनके होने वाले बछड़े कमजोर, अंधे या अन्य शारीरिक अक्षमताओं के साथ पैदा होता है। • संतुलित पौष्टिक हरे चारे देने से जानवर कम से कम 8 लीटर दूध देते हैं। • पशुओं की बेहतर उत्पादकता और बेहतर स्वास्थ्य के लिए, हरे चारे को दैनिक आहार में जरूर दें। संदर्भ – अॅग्रोवन यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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