कृषि वार्ताआउटलुक एग्रीकल्चर
कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार ने उठाया यह कदम
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि देश से कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई कृषि निर्यात नीति के तहत जोन और क्लस्टर चिह्नित किए हैं। यह नई कृषि निर्यात नीति वाणिज्य, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालयों ने मिलकर संयुक्त रुप से बनाई है। उन्होंने कहा कि ये जोन और क्लस्टर बंदरगाहों और हवाई अड्डों तक आसान पहुंच को ध्यान में रखकर चुने गए हैं। किसान को होगा फायदा सुरेश प्रभु ने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय किसानों और निर्यातकों की सहायता से राज्यों में ऐसे केंद्रों की श्रृंखला स्थापित करेगा, जिससे किसान और निर्यातक अपने उत्पादों की उस अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडिग और बिक्री आसानी से कर सकेंगे जहां उनके उत्पादों की मांग ज्यादा है।
बता दें कि कृषि उत्पादों में भारत चावल के साथ ही मसालों, चाय और कॉफी का बड़े पैमाने पर निर्यात करता है। वित्त वर्ष 2017-18 में भारत ने बासमती चावल का निर्यात मूल्य के हिसाब से 26,870 करोड़ रुपये का 40.56 लाख टन का निर्यात किया था। इसके अलावा गैर-बासमती चावल का 22,967 करोड़ रुपये का 86.48 लाख टन का निर्यात किया था। वहीं, चालू वित्त वर्ष 2018-19 के पहले 9 महीनों अप्रैल से दिसंबर के दौरान बासमती चावल का निर्यात मूल्य के हिसाब से 21,203 करोड़ रुपये का और गैर-बासमती चावल का निर्यात 15,529 करोड़ रुपये का हो चुका है। स्रोत – आउटलुक एग्रीकल्चर, 15 फरवरी 2019
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