कृषि वार्ताआउटलुक एग्रीकल्चर
कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार ने की तैयारी
नई दिल्ली। कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार चावल और चाय के साथ कुछ अन्य उत्पादों पर निर्यातकों को इन्सेंटिव देने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक कृषि उत्पादों के निर्यात को 6,000 करोड़ डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है, जबकि चालू वित्त वर्ष 2019-20 के पहले दो महीनों में कृषि उत्पादों के निर्यात में 7.73 फीसदी गिरावट आई है। 2018-19 में 1,28,302 करोड़ रुपये के कृषि उत्पादों का निर्यात हुआ था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार निर्यातकों को मर्चेंडाइज एक्‍सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्‍कीम (एमईआईएस) के तहत इन्सेंटिव देने का प्रस्ताव है। एग्री उत्पादों के निर्यात में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी चावल, चाय, मसालों के साथ ही प्याज, आलू और टमाटर की है। गैर-बासमती चावल की विश्व बाजार में कीमतें कम हैं जबकि घरेलू बाजार में दाम ज्यादा हैं। इसकी वजह से चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में इसके निर्यात में 50 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है। चाय के निर्यात में बढ़ोतरी तो हुई है, लेकिन इसमें भी हमें श्रीलंका से चुनौती मिल रही है। इसलिए चाय निर्यातकों को इन्सेंटिव देने का प्रस्ताव है। स्रोत – आउटलुक एग्रीकल्चर, 27 जुलाई 2019
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