कृषि वार्तान्यूज18
जैविक खेती के लिए केंद्र सरकार दे रही प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये
नई दिल्ली। किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा हो और जमीन की उर्वरता क्षमता भी कम न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने एक ‘परंपरागत कृषि विकास योजना’ (पीकेवीवाई) लागू की है। देश में ज्यादातर किसानों को जानकारी नहीं है कि आखिर जैविक खेती कैसे होगी और इसका बाजार क्या है। लेकिन इन सवालों का जवाब अब एक ही जगह मिल सकेगा। केंद्र ने इसके लिए जैविक खेती पोर्टल (https://www.jaivikkheti.in/) लॉन्च किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार केंद्र सरकार परंपरागत खेती को बढ़ावा देने के लिए 2015-16 से 2019-20 तक 1632 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
पीकेवीवाई से किसानों को जैविक खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये मिलेंगे। इसके तहत तीन साल के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। इसमें से किसानों को जैविक खाद, जैविक कीटनाशकों और वर्मी कंपोस्ट आदि खरीदने के लिए 31,000 रुपये (61 प्रतिशत) मिलता है। _x000D_ मिशन आर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ इस्टर्न रीजन के तहत किसानों को जैविक इनपुट खरीदने के लिए तीन साल में प्रति हेक्टेयर 7500 रुपये की मदद दी जा रही है। स्वायल हेल्थ मैनेजमेंट के तहत निजी एजेंसियों को नाबार्ड के जरिए प्रति यूनिट 63 लाख रुपये लागत सीमा पर 33 फीसदी आर्थिक मदद मिल रही है। _x000D_ जैविक खेती पोर्टल पर अभी तक 2,10,327 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसके अलावा 7100 लोकल ग्रुप, 73 इनपुट सप्लायर, 889 जैविक प्रोडक्ट खरीदार और 2123 प्रोडक्ट रजिस्टर्ड हैं।_x000D_ स्रोत – न्यूज 18, 11 जनवरी 2020_x000D_ यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।_x000D_
2020
0
संबंधित लेख