कृषि वार्तापत्रिका
कृषि भूमि प्राप्त करना हुआ आसान, बैंक 85% राशि देगा!
किसानों को अब खेती के जमीन खरीदने की टेंशन नहीं होगी। क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक की लैंड परचेज स्कीम के जरिए आपकी ये दिक्कत दूर हो सकती है। इसमें बैंक की ओर से जमीन खरीदने के लिए इसकी कीमत का 85 प्रतिशत भुगतान एसबीआई करेगी। बाकी के सिर्फ 15 प्रतिशत कीमत आपको चुकानी होगी। इस योजना का एक और लाभ यह है कि किसानों को पूरी जमीन का लोन चुकाने के लिए इसमें 7 से 10 साल का वक्त दिया जाता है। लोन की रकम पूरी चुकाते ही ये जमीन हमेशा के लिए आपकी हो जाएगी। तो किस तरह ले सकते है इस योजना का लाभ आइए जानते हैं। योजना का उद्देश्य SBI की लैँड परचेज स्कीम का मकसद छोटे किसानों को जमीन खरीदने में मदद करना है। इसके अलावा इस योजना के तहत ऐसे लोगों को जमीन मुहैया कराई जाती है जिनके पास कृषियोग्य जमीन नहीं है। LPS में खेत खरीदने के लिए लोन देने की एकमात्र शर्त यह है कि आवेदक पर किसी और बैंक के लोन कर बकाया नहीं होना चाहिए। कौन कर सकता है आवेदन जिन किसानों के पास 2.5 एकड़ से कम सिंचित जमीन है वह LPS योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा खेती करने वाले भूमिहीन मजदूर भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। लोन लेने का आवेदन करने वाले व्यक्ति का कम से कम दो साल का लोन रीपेमेंट का रिकॉर्ड होना चाहिए। इसके अलावा SBI कृषि भूमि खरीदने के लिए दूसरे बैंक से लिए गए लोन के ग्राहकों के आवेदन को भी तवज्जो दे सकता है। योजना से होने वाले लाभ इस योजना के तहत कृषि भूमि की कुल कीमत का 85 फीसदी तक लोन लिया जा सकता है। ये रकम बैंक चुकाएगा। आपको महज 15 फीसद कीमत अदा करनी होगी। जब तक लोन पूरा नहीं होगा, जमीन बैंक के नाम रहेगी। बाद में ये आपकी हो जाएगी। लैंड परचेज स्कीम में आपको 1 से 2 साल का फ्री समय भी मिलता है। अगर जमीन को खेती के अनुसार सही करना है तो उसके लिए दो साल और अगर पहले से ही विकसित भूमि है तो उसके लिए SBI आपको एक साल का फ्री पीरियड देता है। इस अवधि के खत्म होने के बाद आपको छमाही किश्त के जरिए लोन का रीपेमेंट करना पड़ेगा। लोन लेने वाला व्यक्ति 9-10 साल में इसका रीपेमेंट कर सकता है। स्रोत:- पत्रिका, 22 जुलाई 2020,
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